छत्रपति संभाजीनगर, 31 जुलाई : एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील ने बृहस्पतिवार को मांग की कि महाराष्ट्र सरकार 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में सात आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दे. मुंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया, जिसके बाद जलील ने पूछा, "असली अपराधी कौन हैं?" उन्होंने 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में बंबई उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में सभी 12 व्यक्तियों को बरी किये जाने का भी उल्लेख किया.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सवाल किया, "7/11 बम धमाकों के आरोपी सालों तक जेलों में सड़ते रहे. उनके बरी होने के बाद, राज्य सरकार ने कहा कि फैसला स्वीकार्य नहीं है. अगर दोनों मामलों (मालेगांव और मुंबई ट्रेन बम विस्फोट) के आरोपी निर्दोष हैं, तो विस्फोटों की योजना बनाने के लिए कौन जिम्मेदार था?" औरंगाबाद के पूर्व सांसद ने कहा कि यदि मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपियों को बरी किये जाने को (उच्च न्यायालय में) चुनौती नहीं दी जाती है तो उच्चतम न्यायालय स्वत: संज्ञान लेकर सरकार को निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने का निर्देश दे सकता है. यह भी पढ़ें : Amarnath Yatra: श्रद्धालुओं की संख्या 4 लाख के पार पहुंची, एलजी मनोज सिन्हा ने बताया ‘चमत्कार’
उन्होंने कहा कि आरोपियों को बरी करने के आदेश की बिना किसी धर्म या जातिगत पक्षपात के समीक्षा की जानी चाहिए. फैसला आने में 17 साल के लंबे इंतजार का जिक्र करते हुए जलील ने कहा कि ऐसे मामलों में फैसले जल्द सुनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा, "एक दशक से ज़्यादा इंतजार के बाद भी, हमें अब नहीं पता कि धमाकों में किसका हाथ था.













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