Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश सरकार ने पन्ना में हीरा पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की - मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Photo Credits: ANI)

भोपाल, 25 सितंबर : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पन्ना जिले में हीरा काटने और पॉलिश के लिए एक पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. चौहान ने यहां पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैदान में शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पन्ना मध्यप्रदेश में है लेकिन हीरे की कटिंग, पॉलिशिंग का काम अन्य जगहों पर किया जाता है इसलिए हमने यहां डायमंड पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, भोपाल से 380 किलोमीटर दूर स्थित पन्ना जिले की खदानों में कुल 12 लाख कैरेट के हीरे होने का अनुमान है. पन्ना जिले की खदानों से निकाले गए हीरों की बृहस्पतिवार को संपन्न हुई तीन दिन की नीलामी में 144.32 कैरेट वजन के 105 हीरे 1.87 करोड़ रुपये में बिके. इस नीलामी के दौरान 206.68 कैरेट वजन के कुल 155 हीरों को बिक्री के लिए रखा गया था.

जिला हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बुधवार को पत्रकारों को बताया था, ‘‘मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नीलामी के पहले दिन (मंगलवार) पन्ना में खनित 117.85 कैरेट वजन के 86 हीरे बेचे गए. इनकी बिक्री से 1.27 करोड़ रुपये की आय हुई.’’ उन्होंने बताया कि नीलामी में 12.08 कैरेट के का एक हीरा सबसे महंगा 42.40 लाख रुपये में बिका. इसे 3.51 लाख रुपये प्रति कैरेट की दर से बेचा गया. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में खनन से प्राप्त हुए 8.22 कैरेट के हीरे ने भारत के विभिन्न हिस्सों से आए व्यापारियों की नीलामी में प्रति कैरेट की उच्चतम कीमत हासिल की. 8.22 कैरेट का यह हीरा 4.51 लाख रुपये प्रति कैरेट की दर से 37.07 लाख रुपये में बिका. यह भी पढ़ें : Cyclone Gulab: ओडिशा-आंध्र प्रदेश में अलर्ट, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान

चार श्रमिकों के एक समूह ने पन्ना जिले के हीरापुर तपरिया इलाके में पट्टे पर हासिल भूमि से 8.22 कैरेट का यह हीरा निकालकर 13 सितंबर को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा कराया था. पटेल ने कहा कि इसके अलावा 6.47 कैरेट का एक अन्य हीरा 2.37 लाख रुपये प्रति कैरेट की दर से 15.36 लाख रुपये में बिका. वहीं 5.05 कैरेट का हीरा 11.66 लाख रुपये में बिका. अधिकारी ने बताया कि कच्चे हीरों की नीलामी से होने वाली आय सरकारी रॉयल्टी और करों की कटौती के बाद उन खनिकों दी जाएगी जिन्होंने इन हीरों को खान से निकाला है.