देश की खबरें | मध्यप्रदेश : रोजगार मंत्री पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप, उच्च न्यायालय में याचिका दायर

इंदौर, 12 जुलाई मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के अनुसूचित जाति (एससी) से ताल्लुक रखने के प्रमाण पत्र को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में याचिका दायर की गयी। याचिकाकर्ता के एक वकील ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

याचिका में आरोप लगाया गया कि टेटवाल ने फर्जीवाड़े के जरिये अपने एससी के होने का प्रमाणपत्र बनवाकर राजगढ़ जिले की सारंगपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, जबकि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आने वाले जिनगर समुदाय के हैं।

सारंगपुर सीट एससी के लिए आरक्षित है।

पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में टेटवाल ने इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कला महेश मालवीय को 23,054 वोट से हराया था।

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में टेटवाल के खिलाफ याचिका राजगढ़ जिले के निवासी जितेंद्र कुमार मालवीया ने दायर की है।

याचिकाकर्ता के वकील धर्मेन्द्र चेलावत ने संवाददाताओं को बताया कि याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।

चेलावत ने याचिका में लगाए गए आरोपों के हवाले से बताया कि टेटवाल ओबीसी में आने वाले जिनगर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उन्होंने फर्जीवाड़े के जरिये उस मोची समुदाय का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया जो एससी के तहत आता है। उन्होंने बताया कि याचिका के साथ टेटवाल के रक्त संबंधियों से जुड़े अलग-अलग दस्तावेज भी उच्च न्यायालय में पेश किए गए हैं जिनमें उनकी जाति कथित तौर पर जिनगर दर्शाई गई है।

चेलावत ने बताया कि याचिका के जरिये अदालत से गुहार लगाई गई है कि टेटवाल से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया जाए और इसके आधार पर उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच कराई जाए।

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