देश की खबरें | मध्यप्रदेश : चीते प्रभाष और पावक को रविवार को मिलेगा नया घर

श्योपुर/भोपाल, 19 अप्रैल मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में दो साल बिताने के बाद, छह वर्षीय चीते प्रभाष और पावक रविवार को अपने नए आवास में पहुंचेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दोनों चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में भेजा जाएगा, जो कुनो से 250 किलोमीटर दूर है। कुनो में करीब तीन साल पहले इन चीतों के महत्वाकांक्षी अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण की शुरुआत की गई थी।

अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि नर चीतों को स्थानांतरित करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

उन्होंने बताया कि प्रभाष और पावक को सड़क मार्ग से गांधी सागर अभयारण्य ले जाया जाएगा। यह मंदसौर और नीमच जिलों में फैला हुआ है, जहां शाम को मुख्यमंत्री मोहन यादव उन्हें छोड़ेंगे।

अधिकारी ने मार्ग का खुलासा किए बिना कहा कि यात्रा में 6-7 घंटे लगेंगे।

प्रभास और पावक को फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका के वाटरबर्ग बायोस्फीयर रिजर्व से कुनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था।

सत्रह सितंबर, 2022 को केएनपी में आठ नामीबियाई चीते छोड़े गए, जिनमें पांच मादा और तीन नर शामिल हैं, जो चीतों के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण को चिह्नित करते हैं।

फरवरी 2023 में, बारह और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से कुनो में स्थानांतरित किया गया। कुनो में अब 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारियों ने शुक्रवार को भोपाल में जानकारी दी थी कि आठ चीतों को दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से दो चरणों में भारत लाया जाएगा। उन्होंने बताया था कि मई में ही चार चीतों को लाया जाएगा।

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