मुंबई, 16 फरवरी 'एनिमल' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी फिल्मों के गीत लिखने वाले गीतकार राज शेखर का कहना है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में करीब 100 गाने लिखे, जिनमें से करीब 30 का श्रेय उन्हें नहीं दिया गया।
गीतकार ने कहा कि फिल्म उद्योग का एक साथ आना और गीतकारों की साख की रक्षा करना जरूरी है।
शेखर ने कहा, ‘‘हम एक समाज के रूप में परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं, हम गलतियां कर रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे हम यह पता लगा रहे हैं कि हम कहां गलतियां कर रहे हैं। मेरे 100 में से 28-30 गानों का श्रेय मुझे नहीं दिया गया।’’
शेखर ने भारतीय पटकथा लेखक सम्मेलन (आईएससी) के सातवें संस्करण में 'वर्ड्स दैट सिंग' सत्र के दौरान कहा, ‘‘यह सिर्फ मेरी बात है, लेकिन उन लोगों का क्या, जो अपने बारे में नहीं बोल सकते? मैं दर्शकों से आग्रह करता हूं कि अगर उन्हें कोई गाना पसंद आता है, तो वे गीतकार का नाम पता करें। हम जुनून और कड़ी मेहनत के साथ लिखते हैं।’’
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय पटकथा लेखक संघ (एसडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित किया गया था।
गीतकार ने यह भी बताया कि निर्देशक और गीतकार के बीच सहयोगात्मक प्रक्रिया को बदलने की सख्त जरूरत है। निर्देशक और गीतकार के बीच रचनात्मक सहयोग, जैसा कि राज कपूर और शैलेंद्र के समय में था, ऐसा लगता है कि अब गायब हो गया है।
'मसान' के निर्देशक नीरज घेवन ने रविवार को कहा कि दक्षिण की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही हैं, क्योंकि उनकी कहानियां हिंदी सिनेमा से अलग और प्रामाणिक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, इसका कारण यह है कि उनकी वास्तविकता बहुत प्रामाणिक है, और उनके किरदार जड़ों से जुड़े और वास्तविक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यहां (बॉलीवुड में), किरदारों को एक खास दर्शकों के लिए साफ-सुथरा बना दिया जाता है, यह वास्तविक नहीं लगता। एक खास दर्शक वर्ग के लिए फिल्म को रोचक बनाने की प्रक्रिया में, आप वास्तविकता को खो सकते हैं।’’
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