ताजा खबरें | लोस: सरकार ने विधेयक पर विपक्ष की उपस्थिति में चर्चा कराने का अनुरोध किया, बैठक दिनभर के लिये स्थगित

नयी दिल्ली, 21 जुलाई लोकसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय अंटार्कटिका विधेयक पर विपक्षी सदस्यों की उपस्थिति में चर्चा कराने के सरकार के अनुरोध के बाद सदन की बैठक को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।

बृहस्पतिवार को भोजनावकाश के बाद बैठक 2:15 बजे पुन: शुरू होने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने सदन की कार्यसूची में सूचीबद्ध ‘भारतीय अंटार्कटिका विधेयक, 2020’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन में सदस्यों की, विशेष रूप से विपक्षी दलों के सदस्यों की उपस्थिति बहुत कम है, ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा उनकी उपस्थिति में होनी चाहिए।

निचले सदन में इस दौरान विपक्ष के काफी सदस्य मौजूद नहीं थे और कई सदस्य सोनिया गांधी से नेशनल हेराल्ड से जुड़े धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के विरोध में बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंटार्कटिका को लेकर बहुत महत्वपूर्ण विधेयक है और पहली बार इस पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके कई ऐसे पहलू हैं जो सभी के ध्यान में आने चाहिए। उन्होंने कहा कि विधेयक पेश तो पहले ही किया जा चुका है, लेकिन अब इस पर चर्चा होनी है। सिंह ने आसन से अनुरोध किया कि विधेयक पर आज प्रस्तावित चर्चा को टाल दिया जाए और विपक्षी सदस्यों की उपस्थिति में ही चर्चा कराई जाए।

पीठासीन सभापति भर्तृहरि महताब ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर चर्चा हो तो अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि सदन में आज विपक्ष की संख्या नहीं के बराबर है और सरकार की मंशा है कि बिना विपक्ष की उपस्थिति के विधेयक पारित नहीं किया जाना चाहिए।

भाजपा सांसद पी पी चौधरी ने कहा कि आज इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए विपक्ष को सदन में रहना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सदस्यों का पहला कर्तव्य है कि सदन में रहकर इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा करें लेकिन बड़े खेद का विषय है कि वे आज सदन में नहीं हैं।

सत्तारूढ़ पार्टी के निशिकांत दुबे ने भी इसी तरह की राय रखी।

पीठासीन सभापति महताब ने सदन की सहमति लेकर उक्त विधेयक पर बाद में चर्चा होने की सूचना देते हुए सदन की कार्यवाही अपराह्न 2 बजकर 20 मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

सरकार ने पिछले बजट सत्र में निचले सदन में ‘भारतीय अंटार्कटिका विधेयक, 2022’ पेश किया था जिसमें अंटार्कटिका में भारत की अनुसंधान गतिविधियों तथा पर्यावरण संरक्षण के लिये विनियमन ढांचा प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।

सदन में आज प्रश्नकाल की शुरुआत कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों द्वारा सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ और अन्य विषयों को लेकर हंगामे के बीच हुई जिसके कारण बैठक को 20 मिनट के लिए स्थगित किया गया। हालांकि 11:30 बजे बैठक पुन: शुरू हुई तो प्रश्नकाल शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इसके बाद शून्यकाल में सदस्यों ने शांतिपूर्ण माहौल में अपने-अपने विषय रखे।

इस दौरान सदन में हालांकि कांग्रेस के सदस्य नहीं दिखे।

सोमवार से शुरू हुए मॉनसून सत्र में इससे पहले तीन दिन तक विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण कार्यवाही बाधित रही थी।

सुबह सदन की बैठक शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। उधर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य पिछले कुछ दिन की तरह ही महंगाई और जीएसटी जैसे विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के सदस्य पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के विषय को भी उठा रहे थे।

शोर-शराबे के बीच ही नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों पूनम महाजन और दुष्यंत सिंह समेत कुछ सांसदों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दिये।

निचले सदन में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के सदस्य तख्तियां लेकर आए थे जिन पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीर के साथ ‘सत्यमेव जयते’ लिखा था। वे नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी द्वारा सोनिया को तलब किये जाने और उनसे पूछताछ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘‘जिनके बारे में ये तख्तियां लेकर आए हैं, उनके बारे में मै पूछना चाहता हूं। कानून के सामने सब समान हैं या नहीं। कांग्रेस अध्यक्ष हैं तो क्या ‘सुपर ह्यूमन बीइंग’ हैं।’’

इसका कांग्रेस सदस्यों ने जबर्दस्त विरोध किया और हंगामा बढ़ गया। इसके बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे को लेकर जोशी ने पूछा कि जब सरकार महंगाई के विषय पर चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्षी सदस्य हंगामा क्यों कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अभी अस्वस्थ हैं और उनके स्वस्थ होते ही कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) में चर्चा के लिए जो भी निर्णय होगा, सरकार उसके अनुसार महंगाई पर चर्चा के लिए तैयार है।

ज्ञात हो कि सीतारमण कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

जोशी ने कहा, ‘‘विपक्षी दल विशेष रूप से कांग्रेस और अन्य दल महंगाई पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, हमने ‘हां’ कर दी है। अब इनकी समस्या क्या है? ये सदन चलाना चाहते हैं या नहीं?’’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पूछताछ के लिए आज ईडी के दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंची हैं।

दीपक वैभव

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