देश की खबरें | लंदन शिक्षित पुष्पम की ‘प्लूरल्स पार्टी’ ने चुनाव प्रचार के लिये अपनायी मिथिला की ‘खोंयछा’ परंपरा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पटना, 13 अक्तूबर अखबारों में इश्तेहार के जरिए बिहार की राजनीति में दस्तक देने और स्वयं को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने वाली ‘प्लूरल्स पार्टी’ की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी चुनाव प्रचार के लिये मिथिलांचल की ‘खोंयछा’ परंपरा के जरिये मतदाताओं से जुड़ रही है और हर परिवार से कपड़े का एक छोटा टुकड़ा, एक मुठ्ठी अनाज और एक रूपया मांग रही हैं ।

लंदन स्कूल ऑफ़ इकनॉमिक्स से पढ़ाई करने वाली पुष्पम ने अपने चुनाव प्रचार के इस अभियान का नाम ‘बिहार का खोंयछा’ रखा है ।

यह भी पढ़े | Uddhav Thackeray Vs Governor BS Koshyari: मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने हिंदुत्व को लेकर महाराष्ट्र के सीएम पर कसा तंज तो उद्धव ठाकरे ने दिया ये जवाब.

पुष्पम की प्लूरल्स पार्टी अपने अभियान के दौरान एक ओर बिहार में कृषि क्रांति, औद्योगिक क्रांति और नगरीय क्रांति का खाका पेश करके युवाओं एवं पढ़े लिखे तबके तक पहुंचने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर ‘खोंयछा’ अभियान के जरिये महिलाओं को जोड़ रही हैं ।

गौरतलब है कि मिथिला में ‘खोंयछा’ को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है । बेटियों के घर से बाहर जाने या कहीं से घर आने पर उन्हें ‘खोंयछा’ देने की परंपरा है । माना जाता है इससे घर में सुख-समृद्धि आती है । ‘खोंयछा’ में अन्न का दाना और एक रुपए का सिक्का काफी अहम होता है।

यह भी पढ़े | Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में प्रेम प्रस्ताव को ठुकराने पर युवक ने युवती पर पेट्रोल डालकर जलाया, मौके पर मौत.

पुष्पम बिहार के जदयू नेता रहे और पूर्व विधान पार्षद विनोद चौधरी की पुत्री हैं । बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी प्लूरल्स पार्टी ने प्रथम चरण में 35 उम्मीदवार उतारे हैं । उनका कहना है कि सभी लोग नए हैं, लेकिन ऊर्जावान हैं । उनमें जीतने का जज़्बा है और उससे भी महत्वपूर्ण बिहार को बदलने का संकल्प है ।

वह खुद पटना की बांकीपुर सीट और मधुबनी की बिस्फी सीट से चुनाव लड़ रही हैं । मधुबनी ज़िले का बिस्फी क्षेत्र, मैथिली कवि- महाकवि विद्यापति की जन्मस्थली है ।

‘प्लूरल्स पार्टी’ के प्रत्याशियों के धर्म के कॉलम में बिहारी और जाति की जगह उनका पेशा लिखा है । प्लूरल्स पार्टी ने जिनको प्रत्याशी बनाया है, उनमें ज्यादा डॉक्टर, इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं ।

प्लूरल्स की टीम जिस तरह से काम कर रही है, उसको देखते हुए मतदाता उनके, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मॉडल को अपनाने की चर्चा कर रहे हैं ।

बिहार की मुख्यमंत्री बनने पर अगले 10 वर्षों में प्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का दावा करने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी ने ‘’ से कहा कि वह नहीं चाहती कि उनकी पार्टी की तुलना किसी और दल से की जाए ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)