नयी दिल्ली, 12 दिसंबर लोकसभा ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष में 58,378 करोड़ रुपये के शुद्ध अतिरिक्त व्यय को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें एक बड़ा हिस्सा मनरेगा योजना और उर्वरकों के लिए सब्सिडी पर दिया जाएगा।
सरकार ने लोकसभा में वर्ष 2023-24 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के प्रथम बैच में 1.29 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सकल अतिरिक्त व्यय की मंजूरी मांगी, जिसमें से 70,968 करोड़ रुपये को बचत और प्राप्तियों से समायोजित किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वर्ष 2023-24 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के प्रथम बैच और वर्ष 2020-21 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों पर चर्चा का जवाब दिया।
उनके जवाब के बाद सदन ने इन अनुपूरक मांगों को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान की।
सीतारमण ने कहा कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी के राजकोषीय मामलों के अनुभव के आधार पर देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की रफ्तार के साथ बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार एक तरफ राजकोषीय सुदृढ़ता को प्राथमिकता देती है, वहीं किसी भी कल्याणकारी योजना के कोष को नहीं रोकती।
उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा शुद्ध अतिरिक्त व्यय 58,378.21 करोड़ रुपये का होगा। अतिरिक्त व्यय में उर्वरक सब्सिडी के लिए 13,351 करोड़ रुपये और खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा करीब 7,000 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है।
सदन ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 9,200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय और मनरेगा के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 14,524 करोड़ रुपये के व्यय को भी मंजूरी प्रदान की।
कुल अतिरिक्त मांगों में वित्त मंत्रालय द्वारा 20,000 करोड़ रुपये का व्यय भी शामिल है।
इससे पहले सीतारमण ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में सामान्य तौर पर तीन बार अनुपूरक मांग लाई जाती थीं, लेकिन पिछले कुछ साल में इस सरकार में अधिकतम दो बार ही अनुपूरक मांगों पर इस सदन की मंजूरी मांगी जाती है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अनुमान से लेकर संशोधित अनुमान तक आंकड़े ठीकठाक करके संसद में रखती है और ज्यादा अनुपूरक मांग लाने की जरूरत नहीं पड़ती।
सीतारमण ने कहा कि इन अनुपूरक मांगों में हम 79 मांग रख रहे हैं और चार विनियोग लाए गए हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजग सरकार पर बीएसएनएल को बेचने के प्रयास करने के आरोप लगते हैं लेकिन बीएसएनएल संप्रग सरकार के दस साल के शासन में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ और यह सरकार इस उपक्रम के लिए 11,850 करोड़ रुपये पूंजी दे रही है।
सीतारमण ने कहा कि इस अनुपूरक मांग के माध्यम से हम पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये की मंजूरी इस सदन से मांग रहे हैं, वहीं उज्ज्वला योजना के लिए 8,500 करोड़ रुपये की अनुमति मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मांग आधारित योजना है और मांग के आधार पर अनुपूरक मांग में सरकार इस योजना के लिए 20 हजार करोड़ की अनुमति मांग रही है और इस तरह इस साल दिसंबर तक कुल 80 हजार करोड़ रुपये की अनुमति मनरेगा के लिए इस सदन से ली गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 के लिए अतिरिक्त व्यय के लिए 1,18,651 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग और दो विनियोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के संतुलन का ध्यान रखती है।
सीतारमण ने 2014-15 में रबी की फसल के लिए गेहूं, जौ आदि के एमएसपी की तुलना 2024-25 के एमएसपी से करते हुए बताया कि इनमें कई प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल एमएसपी नहीं बढ़ा रही, बल्कि किसानों से सीधी खरीद भी कर रही है।
उन्होंने पंजाब से आम आदमी पार्टी के सदस्य सुशील कुमार रिंकू के राज्य का बकाया केंद्रीय धन नहीं दिये जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में यदि योजनाओं के दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं होता, उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर नहीं आते तो धन जारी नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि सरकार वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्यों को सीधे सहायता और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगले वित्त आयोग के संबंध में मंत्रिमंडल ने निर्णय ले लिया है और उसके अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के साथ अधिसूचना जारी होगी तथा आयोग सभी राज्यों से मिलकर उनकी राय लेगा।
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