लॉकडाउन: घर लौट रहे 14 प्रवासी श्रमिकों की दो सड़क हादसों में मौत, करीब 60 अन्य घायल
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गुना/ मुजफ्फरनगर/लखनऊ, 14 मई लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार लौटने के दौरान दो अलग-अलग सड़क हादसों में 14 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गयी और करीब 60 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

मध्यप्रदेश पुलिस ने बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 180 किलोमीटर दूर गुना में बृहस्पतिवार तड़के हुई दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के आठ प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गयी, जबकि 55 घायल हो गये। प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र से जिस ट्रक में सवार होकर आ रहे थे, वह गलत दिशा से आ रही एक खाली बस से टकरा गया।

अधिकारियों ने बताया कि दूसरा हादसा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में बुधवार रात साढ़े 10 बजे हुआ, जहां पंजाब से बिहार पैदल लौट रहे श्रमिक दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर उप्र रोडवेज की एक बस की चपेट में आ गये। इस हादसे में बिहार के छह प्रवासी श्रमिक मारे गये और चार अन्य घायल हो गये।

गुना के जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) तरुण नायक ने बताया कि महाराष्ट्र से लगभग 65 मजदूर एक ट्रक में सवार होकर उत्तर प्रदेश के लिए निकले थे। तड़के करीब तीन बजे गुना बाइपास पर गलत दिशा से आ रही एक खाली बस और ट्रक की भिड़ंत हो गयी। इस हादसे में मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गयी और 55 अन्य लोग घायल हो गये।

उन्होंने बताया कि घायलों का गुना के अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति गंभीर रुप से घायल नहीं है।

उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया बस चालक की लापरवाही सामने आई है। बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आगे कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि बाइपास पर बस चालक खाली बस चलाते हुए गलत दिशा से आ रहा था जबकि मजदूर ट्रक में सवार थे।

पुलिस के अनुसार गुना में मारे गये श्रमिक उत्तर प्रदेश के उन्नाव और रायबरेली जिले के निवासी थे और ट्रक प्रवासी मजदूरों को उन्नाव लेकर जा रहा था।

गुना के जिलाधिकारी एस विश्वनाथन ने बताया कि घायलों कोस्वस्थ होने के बाद प्रशासन द्वारा सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुना हादसे में श्रमिकों के बचाव में लगे पुलिसकर्मियों को कोविड-19 के एहतियात के तौर पर पृथक किया गया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रवासी मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज कराने के निर्देश दिये हैं।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुना सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

योगी ने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार से समन्वय कर सभी घायलों का समुचित उपचार कराने तथा मृतकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए तथा हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के निर्देश दिए हैं।

इसबीच, एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-सहारानपुर रोड पर उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फरनगर में रोडवेज की एक बस ने पंजाब से बिहार अपने घर पैदल लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को रौंद दिया। इस हादसे में छह श्रमिकों की मौत हो गयी और छह गंभीर रुप से घायल हो गये।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि हादसा मुज़फ़्फरनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर घलौली नाका और रोहाना टोल प्लाजा के बीच में बुधवार और बृहस्पतिवार की रात हुआ।

उन्होंने बताया कि बस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई है कि बस चालक राजबीर शराब की नशे में था।

प्रवासी श्रमिकों को उनके घर छोड़ने के बाद उत्तर प्रदेश रोजवेज की बस सहारनपुर से आगरा वापस जा रही थी।

लखनऊ में सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सहारनपुर आयुक्त से घटना की जांच करने के आदेश दिये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों की समुचित उपचार और मृतकों के शवों को बिहार में उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये हैं।

पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गये मृतकों की पहचान भोजपुर निवासी गुड्डू (18), पटना निवासी वीरेंद्र (28) तथा गोपालगंज निवासी हरेक सिंह (52) और उनका पुत्र विकास (22), वासुदेव (22),और हरीश साहनी (42) के तौर पर हुई है।

उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।

अतिरिक्त जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि बाद में दिन में, छह शवों को दो एंबुलेंस से बिहार स्थित उनके घर भेजा गया।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी सहारानपुर आयुक्त से घटना की जांच करने और इसकी जिम्मेदारी तय करने को कहा है।

ये सड़क हादसे औरंगाबाद में पटरी पर हुए हादसे के कुछ दिन बाद हुए हैं। महाराष्ट्र में औरंगाबाद के पास 8 मई को पटरियों पर सो रहे मध्यप्रदेश के 16 प्रवासी श्रमिकों की मालगाड़ी से कट कर मौत हो गयी थी।

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