देश की खबरें | चीन, पांच अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य करने की संभावना:सूत्र

नयी दिल्ली, 28 दिसंबर सरकार अगले सप्ताह से चीन और पांच अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच की ‘नेगेटिव रिपोर्ट’ अनिवार्य कर सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

साथ ही, उन्होंने आगाह किया कि अगले 40 दिन महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि भारत में जनवरी में कोविड के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अगर कोविड की लहर आती भी है तो इससे होने वाली मौतों और संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की दर बेहद कम रहेगी।

एक अधिकारी ने कहा, “पूर्व में, यह पाया गया था कि पूर्वी एशिया के कोविड-19 की चपेट में आने के 30-35 दिन बाद भारत में महामारी की एक नयी लहर आई थी... यह एक प्रवृत्ति रही है।”

इस बीच, एक विशेषज्ञ ने कहा कि भारत में स्थिति चीन से अलग है क्योंकि यहां काफी संख्या में लोग वायरस के संपर्क में आ चुके हैं और व्यापक स्तर पर टीकाकरण भी हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 की बड़ी लहर आने की संभावना बहुत कम है।

सूत्रों ने कहा कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, थाईलैंड और सिंगापुर से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अगले सप्ताह से ‘एयर सुविधा’ फॉर्म भरना और 72 घंटे पहले आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य किया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि पिछले दो दिनों में, भारत आये 6,000 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कोविड-19 जांच की गई, जिनमें 39 की रिपोर्ट ‘पॉजिटिव’ आई है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया दिल्ली हवाई अड्डे पर कोविड-19 जांच सुविधाओं का जायजा लेने के लिए बृहस्पतिवार को वहां का दौरा करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री मांडविया द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन नहीं हो सकने की स्थिति में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को स्थगित करने पर विचार करने के लिए कहे जाने के कुछ दिनों बाद कोविड दिशानिर्देशों को कड़ा करने का प्रस्ताव और संक्रमण के मामलों में वृद्धि को लेकर चेतावनी दी गई है।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ में अभी शीतकालीन विराम की अवधि चल रही है और यह तीन जनवरी से फिर से शुरू होगी।

चीन और दक्षिण कोरिया सहित कुछ देशों में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के बीच सरकार ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी अकस्मात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करने को कहा है।

कोविड के मामले बढ़ने के बाद, सरकार ने शनिवार से प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आने वाले यात्रियों में से दो प्रतिशत की बिना किसी क्रम के (रैंडम) कोविड जांच अनिवार्य कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड के मामलों में तेजी की स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठकें की हैं।

कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने की किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को देश भर के अस्पतालों में ‘मॉक ड्रिल’ की गई। वहीं, मांडविया ने कहा कि विश्व में कोविड के मामले बढ़ने के मद्देनजर देश सतर्कता बरत रहा है और इससे निपटने के लिए तैयार है।

कोरोना वायरस के ओमीक्रोन के उप-स्वरूप बीएफ.7 से मामलों में हालिया वृद्धि हुई है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीएफ.7 के फैलने की दर बहुत अधिक है और एक संक्रमित व्यक्ति 16 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

सीएसआईआर के इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि भारत में कोविड की बड़ी लहर आने की संभावना बहुत कम है।

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे में शिक्षण कार्य से जुड़े सत्यजीत रथ ने कहा, ‘‘यह उम्मीद करने का कोई कारण नहीं है कि चीन में स्थिति भारत के लिये कुछ भविष्यवाणी करेगी। चीन में हालात विशेष रूप से उस देश द्वारा लगभग तीन वर्षों से अपनायी जा रही शून्य-कोविड नीतियों की वजह से है।’’

चीन में पिछले कुछ सप्ताह में प्रतिदिन हजारों की संख्या में संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को भारत में 0.14 प्रतिशत की दैनिक संक्रमण दर और 0.18 प्रतिशत की साप्ताहिक संक्रमण दर के साथ कोरोना वायरस संक्रमण के 188 नए मामले सामने आये।

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