नयी दिल्ली, 31 अगस्त दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के “झूठे और मानहानिकारक” आरोप लगाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों आतिशी, सौरभ भारद्वाज व दुर्गेश पाठक तथा डीडीसी उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है और एजेंसी पहले ही केवीआईसी के दो आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मामला राउज एवेन्यू कोर्ट, नयी दिल्ली में लंबित है।
‘आप’ के सूत्रों ने कहा कि पार्टी केवल यह मांग कर रही है कि कथित “घोटाले” में सक्सेना की भूमिका की पूरी तरह से जांच की जाए और उस अवधि तक उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
‘आप’ के एक सूत्र ने कहा, “अगर वह कुछ छिपा नहीं रहे, तो फिर जांच का विरोध क्यों कर रहे है? सभी पर समान रूप से कानून लागू होना चाहिए।”
‘आप’ के विधायक दुर्गेश पाठक ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा में आरोप लगाया था कि सक्सेना ने 2016 में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्मचारियों पर 1400 करोड़ रुपये के चलन से बाहर हो चुके नोट बदलवाने का दबाव डाला था। इसके बाद से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी उपराज्यपाल के खिलाफ हमलावर रुख अपनाए हुए है।
अधिकारियों ने कहा, “दोहराया जाता है कि मामला सिर्फ 17.07 लाख रुपए का है, जबकि ‘आप’ इसे 1,400 करोड़ रुपए का बताकर दुष्प्रचार कर रही है। यह आरोप लगाने वालों की महज एक कल्पना है और उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।”
उपराज्यपाल कार्यालय ने एक नोट में कहा, “उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार के अत्यधिक मानहानिकारक और झूठे आरोप लगाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी, दुर्गेश पाठक और जैस्मीन शाह व अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है।”
‘आप’ विधायकों ने उपराज्यपाल के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को विधानसभा में हंगामा किया था जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। बाद में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत ‘आप’ के कई नेताओं ने विधानसभा के अंदर और बाहर यह आरोप दोहराया था।
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