तिरुवनंतपुरम, 10 सितंबर केरल में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मंगलवार को कहा कि वाम मोर्चा केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमसीर के इस बयान से सहमत नहीं है कि आरएसएस एक महत्वपूर्ण संगठन है और शमसीर को इस तरह का बयान देने से बचना चाहिए।
शमसीर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक पदाधिकारी के साथ एडीजीपी (कानून व्यवस्था) एम आर अजित कुमार की विवादास्पद मुलाकात का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है और दक्षिणपंथी संगठन देश का महत्वपूर्ण संगठन है।
भाकपा के प्रदेश सचिव बिनय विस्वाम ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ऐसा बयान देने से बच सकते थे।
उन्होंने एक टेलीविजन चैनल से कह कि वाम मोर्चा इस बात से सहमत नहीं है कि ‘‘देश के भविष्य, विकास, राजनीतिक प्रगति और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती पैदा करने वाला आरएसएस एक महत्वपूर्ण संगठन है।’’
विस्वाम ने कहा कि वाम मोर्चा को सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरएसएस एक मजबूत और बड़ा संगठन है, लेकिन महत्वपूर्ण नहीं है।
पिछले साल आरएसएस के एक पदाधिकारी के साथ अजित कुमार की मुलाकात के संबंध में विस्वाम ने कहा कि आईपीएस अधिकारी ने संभवत: आरएसएस के अनेक नेताओं से मुलाकात की और ‘‘केरल के एडीजीपी इस तरह के संपर्क क्यों बना रहे हैं?’’
विस्वाम ने कहा, ‘‘आरएसएस के साथ यह दोस्ती क्यों? इस मामले में वैचारिक स्पष्टता होनी चाहिए।’’
पिछले साल अजित कुमार की आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से मुलाकात ने केरल की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया था और सत्तारूढ़ एलडीएफ के संयोजक टीपी रामाकृष्णन ने इसके कारणों और मंशा की विस्तृत जांच की मांग की थी।
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