तिरुवनंतपुरम, तीन मई उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने को लेकर केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा।
इन दलों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने केरल के वायनाड के लोगों को धोखा दिया और कहा कि दूसरी सीट से चुनाव लड़ना “राजनीतिक नैतिकता के अनुरूप नहीं है”।
वायनाड सीट पर 26 अप्रैल को मतदान हुआ था जहां से राहुल गांधी कांग्रेस उम्मीदवार हैं।
वायनाड के मौजूदा सांसद गांधी ने आज रायबरेली से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
कांग्रेस ने हालांकि इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि रायबरेली से चुनाव लड़ना उनके लिए एक भावनात्मक मामला था क्योंकि इसका प्रतिनिधित्व उनकी दादी इंदिरा गांधी और बाद में उनकी मां सोनिया गांधी ने किया था।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “पार्टी ने अमेठी और रायबरेली सीटों पर फैसले का जिम्मा कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपा था। वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद पार्टी ने राहुल गांधी से रायबरेली से चुनाव लड़ने को कहा और वह तैयार हो गये।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि राहुल दोनों सीट जीतते हैं तो एक सीट बरकरार रखने का फैसला उसी मुताबिक लिया जाएगा।
माकपा के वरिष्ठ नेता एवं वायनाड से वामपंथी उम्मीदवार एनी राजा ने हालांकि मीडिया से कहा कि राहुल गांधी ने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय किया है।
राजा ने कहा, “उन्होंने (राहुल गांधी) वायनाड के मतदाताओं से यह तथ्य छिपाया था कि वह दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ अन्याय किया, जो राजनीतिक नैतिकता के अनुरूप नहीं है। उन्हें घोषणा करनी चाहिए थी कि वह किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनाव लड़ेंगे...।”
इस बीच, केरल में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने गांधी के फैसले का समर्थन किया और कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि कोई राजनीतिज्ञ दो सीट से चुनाव लड़ रहा है।
आईयूएमएल नेता ने वाम दलों से फैसले की आलोचना करने से बचने को कहा और दावा किया कि रायबरेली में राहुल गांधी की उम्मीदवारी से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के चुनाव जीतने की संभावना बढ़ जाएगी।
कुन्हालीकुट्टी ने मलप्पुरम में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “रायबरेली में उनकी उम्मीदवारी से ‘इंडिया’ गठबंधन की संभावनाएं बढ़ेंगी। हमने ‘इंडिया’ की अनुकूल संभावनाओं को देखते हुए गांधी के दूसरी सीट से चुनाव लड़ने के बारे में भी अपनी राय व्यक्त की थी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद यह एक राजनीतिक निर्णय था। उन्होंने दावा किया, “वायनाड के मतदाता भी रायबरेली में उनकी जीत का जश्न मनाएंगे।”
भाजपा के राज्य प्रमुख के. सुरेंद्रन ने कहा कि राहुल ने वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को मूर्ख बनाया।
सुरेंद्रन ने कहा, “वह दावा करते थे कि वायनाड उनका घर है, उनका परिवार है। लेकिन आज उनके दोहरे मानदंड उजागर हो गए। वह उत्तर भारत से चुनाव लड़ने पर चुप थे। वह वायनाड के लोगों को लगातार धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और वायनाड के आईयूएमएल कार्यकर्ताओं को मूर्ख बनाया।”
तीन बार लोकसभा में अमेठी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बाद गांधी 2019 में केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए थे। उन्होंने हालांकि 2019 में केरल के वायनाड से जीत हासिल की थी।
प्रशांत
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