करगिल (लद्दाख), 23 मई लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) ने मंगलवार को यहां एक संयुक्त बैठक की और पूर्ण राज्य की मांग और क्षेत्र के लिए संविधान की छठी अनुसूची का विस्तार सहित अपने चार सूत्री एजेंडे पर केंद्र के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की।
बैठक में दोनों संगठनों के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया। बैठक ने चार सूत्री एजेंडे पर प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक द्वारा घोषित 10 दिवसीय अनशन का भी समर्थन किया।
करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सह-अध्यक्ष असगर अली कर्बलाई ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘लद्दाख सुरक्षा उपायों के चार सूत्री एजेंडे पर हम केंद्र के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, चाहे वह गृह मंत्री के स्तर पर हो या उससे निचले स्तर पर। हम केंद्र सरकार और देश की जनता को बताना चाहते हैं कि हम बातचीत से कभी पीछे नहीं हटेंगे।’’
उन्होंने कहा कि अगर सरकार आमंत्रित करती है तो संगठनों की कोर कमेटी बातचीत के लिए एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का चयन करेगी। कर्बलाई ने कहा कि लद्दाख के लोग चार सूत्रीय एजेंडे के समर्थन में ‘‘गंभीर और ईमानदार’’ हैं, जिसमें लेह और करगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें और स्थानीय शिक्षित युवाओं के लिए भर्ती अभियान भी शामिल है।
ये दो संगठन लेह और करगिल जिलों के सामाजिक-धार्मिक, राजनीतिक और युवा संगठनों के गठबंधन हैं और 5 अगस्त, 2019 के बाद गठित किए गए थे, जब केंद्र ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।
इसके बाद इन दोनों ने हाथ मिला लिये थे और चार सूत्रीय एजेंडे को लेकर लेह, करगिल, जम्मू और दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित किए थे।
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