Kuwait fire Case: कोच्चि हवाई अड्डे पहुंचाए गए 31 भारतीयों के शव, दी गई श्रद्धांजलि
कुवैत की एक बहुमंजिला इमारत में दो दिन पहले हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले कुल 45 भारतीयों में से 31 लोग दक्षिणी राज्यों से थे और उनके शवों को शुक्रवार को सुबह विमान से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया.
कोच्चि, 14 जून : कुवैत की एक बहुमंजिला इमारत में दो दिन पहले हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले कुल 45 भारतीयों में से 31 लोग दक्षिणी राज्यों से थे और उनके शवों को शुक्रवार को सुबह विमान से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित केंद्रीय और राज्य मंत्रियों ने यहां मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. कुवैत अग्निकांड में मारे गए भारतीयों के शव लेकर वहां से आया भारतीय वायुसेना का एक विमान शुक्रवार को करीब 10.30 बजे यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा. भारतीय वायुसेना के सी-130जे परिवहन विमान से लाए गए 45 में से 31 भारतीयों के शवों को यहां उतारा गया. इसके बाद विमान अन्य भारतीयों के शवों को लेकर दिल्ली रवाना हो गया. अधिकारियों ने बताया कि कुवैत अग्निकांड में मारे गए दक्षिण राज्यों के 31 लोगों में केरल के 23, तमिलनाडु के सात और कर्नाटक का एक व्यक्ति शामिल है.
मुख्यमंत्री विजयन ने यहां हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि प्रवासी भारतीय केरल की जीवन रेखा हैं और अग्निकांड में इतनी बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों की मौत 'देश के लिए एक बड़ी आपदा' के समान है. उन्होंने कहा कि यह घटना प्रवासी समुदाय के लिए भी बहुत बड़ी आपदा है.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, ''यह मृतकों के परिजनों के लिए कभी पूरी न होने वाली क्षति है. कुवैत सरकार ने इस हादसे के बाद प्रभावी कार्रवाई की और भारत सरकार ने भी अच्छे तरीके से सहयोग किया.'' उन्होंने कहा, ''ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाने की जरुरत है और मैं आशा करता हूं कि कुवैत सरकार इसके लिए अपेक्षित कार्रवाई करेगी. मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद भी जताई कि कुवैत सरकार मृतकों के परिजनों को समुचित मुआवजा प्रदान करने का निर्णय लेगी. उन्होंने कहा, ''भारत सरकार को इसके लिए कुवैत सरकार से संपर्क कर कार्रवाई
में तेजी लानी चाहिए क्योंकि वहां जिन लोगों की जान गई है वह वहां आजीविका कमाने गए थे. शोक संतप्त परिवारों को किसी भी तरह की मदद पर्याप्त नहीं हो सकती.'' यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र: विस्फोट से छह श्रमिकों की मौत के एक दिन बाद कारखाना निदेशक और प्रबंधक गिरफ्तार
पर्यटन एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोच्चि हवाई अड्डे पर मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेश में काम करते समय 'प्रवासियों' द्वारा की गई कड़ी मेहनत के कारण राज्य और केंद्र द्वारा उनका बहुत सम्मान किया जाता है. उन्होंने कहा, ''यह त्रासदी बहुत दुखद है." मुख्यमंत्री विजयन ने मृतकों के ताबूतों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. वहीं, सुरेश गोपी ने लाल गुलाब अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मृतकों के शवों को लाने वाले भारतीय वायुसेना के विमान में आए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण और अनिवासी तमिल कल्याण मंत्री के एस मस्थान ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि दी. पुलिस ने मृतकों को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया. हवाईअड्डे के प्राधिकारियों ने बताया कि 45 शवों के लिए सीमा शुल्क, आव्रजन और हवाईअड्डा स्वास्थ्य कार्यालय से संबंधित प्रक्रिया सीआईएएल में ही पूरी की गई. उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे पर 31 भारतीयों के शवों को उतारने के बाद शेष 14 शवों को भारतीय वायुसेना के उसी विमान से दिल्ली भेज दिया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 14, 2024 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

