कुमारस्वामी ने श्रम कानूनों में संशोधन के लिए अध्यादेश के विरूद्ध कर्नाटक सरकार को चेतावनी दी
पूर्व मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण विषयों पर ऐसे अध्यादेश लाने की आवश्यकता पर सवाल उठाया और सरकार से इस पर जनता के बीच चर्चा करने एवं विधानसभा में भी बहस कराने को कहा।
बेंगलुरु, 12 मई श्रम कानूनों और एपीएमसी में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन करने के खिलाफ कर्नाटक सरकार को चेतावनी देते हुए जनता दल सेकुलर (जदएस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को लोगों में हित में काम करने और केंद्र के दबाव के सामने नहीं झुकने या पार्टी आलाकमान को खुश नहीं करने को कहा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण विषयों पर ऐसे अध्यादेश लाने की आवश्यकता पर सवाल उठाया और सरकार से इस पर जनता के बीच चर्चा करने एवं विधानसभा में भी बहस कराने को कहा।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘ मैं सरकार को चेतावनी दे रहा हूं... मैं अबतक चुपचाप देख रहा हूं और मैंने सरकार के लिए कोई असहज स्थिति पैदा नहीं की है। मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि मुझे ऐसा करने के लिए विवश मत करिए।’’
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सरकार का साथ दिया और गलतियों के बावजूद उसकी आलोचना नहीं की।
उन्होंने कहा, ‘‘कृपया, हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी मत समझिए। मैं सरकार को चेतावनी दे रहा हूं।’’
कुमारस्वामी की चेतावनी इन खबरों के बीच आयी है कि राज्य सरकार कुछ महत्वपूर्ण श्रमकानूनों में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात जैसे अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर ढील देने पर विचार कर रही है।
यह भी खबर है कि उसने कृषि विपणन कानूनों में संशोधन की योजना बनायी है ताकि कृषि ऊपजों पर पाबंदियां हटायी जा सकें और किसान अपनी ऊपज किसी को भी बेच सके।
कुमारस्वामी ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने स्वयं ही कहा है कि एपीएमसी शक्तियां शिथिल करने से सरकारी खजाने को 600 करोड़ रूपये का नुकसान होगा तथा सरकार को इसे मानना पड़ेगा क्योंकि यह निर्णय केंद्र ने लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह संशोधन कृषि ऊपज विपणन समितियों को खत्म कर देगा और बड़ी निजी कंपनियों को मदद पहुंचाएगा। किसानों की कोई सुरक्षा नहीं होगी। ’’
काम के घंटे बढ़ाने समेत श्रम कानूनों में संशोधन करने की योजना का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर लॉकडाउन के दौरान अध्यादेश के जरिए ऐसे जनविरोधी कदम उठाने का आरोप लगाया ताकि कोई उसका विरोध करने के लिए सड़कों पर नहीं उतरे।
उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल को पत्र लिखकर उनसे इस पर मंजूरी देने से पहले उनकी सघन जांच करने और अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह करेंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 07:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

