देश की खबरें | केटी रामाराव ने केसीआर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नड्डा पर निशाना साधा

हैदराबाद, 26 जून सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता और तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा की सोमवार को कड़ी आलोचना की।

मुख्यमंत्री राव के बेटे रामाराव ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सत्ता में रहने के दौरान तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने में उनके द्वारा किए गए विलंब के कारण कई युवाओं ने आत्महत्या कर ली थी।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या विपक्षी नेताओं के मुंह से लोगों के लिए कोई उपयोगी बात निकलने वाली है? कल, भाजपा अध्यक्ष आए थे। क्या जे पी नड्डा ने कुछ काम की बात कही? उन्होंने क्या कहा? सभी गलत बातें कहीं।’’

रामाराव ने कहा, ‘‘जब उनसे पूछा जाता है कि आप उप्पल में यह फ्लाईओवर क्यों नहीं बना पा रहे हैं तो वे कुछ नहीं कहेंगे। जब किशन रेड्डी (केंद्रीय मंत्री) से पूछा जाता है कि अंबरपेट में फ्लाईओवर का निर्माण पूरा क्यों नहीं हो रहा है तो वह बात नहीं करेंगे। लेकिन वे कहते हैं कि हम केसीआर (चंद्रशेखर राव) को जेल भेजेंगे। उन्हें जेल क्यों भेजा जाएगा?’’

रामाराव ने पूछा कि क्या केसीआर को ‘‘केसीआर किट’ जैसी योजनाएं लागू करने या बिजली, पेयजल की आपूर्ति में सुधार लाने या गरीबों के लिए मकान बनाने के लिए जेल भेजा जाएगा।

वह शहर के उप्पल क्षेत्र में एक स्काईवॉक का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।

उन्होंने केसीआर को ‘‘कोसने’’ को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी का नाम लिए बगैर उन पर भी निशाना साधा।

रामाराव ने कहा कि चाहे भाजपा के नड्डा हों या कोई और, पिछले 23 साल में केसीआर से टक्कर लेने वाला कोई भी नेता अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका है।

बीआरएस नेता ने कहा कि केसीआर को चुनावों में लोगों का आशीर्वाद मिल रहा है क्योंकि गरीब लोग उनसे खुश हैं।

हैदराबाद में तेलंगाना ‘शहीद स्मारक’ (तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जान देने वाले लोगों की याद में बनाया गया स्मारक) के बारे में कांग्रेस की टिप्पणियों के संदर्भ में रामाराव ने पूछा कि ‘‘शहीदों’’ की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, ‘‘करीब 1200-1300 युवाओं ने तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जान गंवा दी थी। उन्होंने किसके लिए जान गंवाई और किसकी वजह से? क्या यह सोनिया गांधी की वजह से नहीं हुआ?’’

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