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कोविड-19: महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी माहुल की स्थिति पर उच्च न्यायालय को शुक्रवार तक करेंगी सूचित

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अमजद सैयद की पीठ को अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बारे में अवगत कराया।

कोविड-19: महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी माहुल की स्थिति पर उच्च न्यायालय को शुक्रवार तक करेंगी सूचित
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मुंबई, 12 मई महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बंबई उच्च न्यायालय को मंगलवार को बताया कि वे इस बारे में शुक्रवार तक सूचना देंगी कि उपनगरीय क्षेत्र चेम्बूर के माहुल में खाली घरों को कोविड-19 के संदिग्ध रोगियों को पृथक-वास में रखने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अमजद सैयद की पीठ को अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बारे में अवगत कराया।

इन संदिग्ध रोगियों में ऑर्थर रोड जेल के कैदी भी शामिल हैं।

पीठ गैर सरकारी संगठन ‘घर बचाओ घर बनाओ आंदोलन’ तथा शारदा तेवर द्वारा दायर जनहित याचिका पर विचार कर रही थी जो ऑर्थर रोड जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की मां हैं।

याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता रोनिता बेक्टर के जरिए दायर याचिका में कहा कि खबरों के अनुसार अधिकारी माहुल स्थित दो इमारतों को पृथक-वास के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं।

हालांकि, बीएमसी की विभिन्न विकास परियोजनाओं की वजह से प्रभावित लोगों के लिए इस क्षेत्र में बनीं सभी इमारतों को लोगों के रहने के लिए बंबई उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) पूर्व में अनुपयुक्त करार दे चुके हैं।

बेक्टर ने कहा, ‘‘हमने उच्च न्यायालय को बताया कि इन इमारतों को रिफाइनरी और उद्योगों की वजह से क्षेत्र में घातक प्रदूषण के कारण उच्चतम न्यायालय ने भी असुरक्षित करार दिया था। अब यदि कोरोना वायरस के संदिग्ध रोगियों को एक ऐसे क्षेत्र में लाया जाता है जो अत्यंत प्रदूषित है तो इससे स्वास्थ्य के लिए जोखिम होगा और इससे पृथक-वास का उद्देश्य परास्त हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के रोगियों को गंभीर श्वसन संबंधी समस्या भी होती है तो ऐसे में उन्हें माहुल में पृथक-वास में रखना अनुचित होगा।’’

सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता पूर्णिमा कंथारिया और वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सखारे ने सरकार से निर्देश प्राप्त करने और अदालत को सूचित करने के लिए सुनवाई की अगली तारीख 15 मई तक का समय मांगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 07:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).