सूरत, 13 जून गुजरात के सूरत शहर में कुछ हीरा कारखानों में कार्यरत 23 श्रमिकों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद नगर निकाय अधिकारियों ने लगभग आठ ऐसी फर्मों को आंशिक रूप से बंद करने का आदेश दिया है और उनके अन्य कर्मियों को 14-दिवसीय पृथक-वास में भेजने के लिए कहा है।
सूरत नगर निगम (एसएमसी) ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उसने शहर के कतारगाम इलाके में स्थित इन आठ हीरा इकाइयों की कुछ मंजिलों और विभागों को बंद करने का आदेश दिया है।
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सूरत देश का सबसे बड़ा डायमंड हब है, जहां बड़े पैमाने पर हीरे काटने और उसे चमकाने व तराशने का काम किया जाता है।
एसएमसी के उपायुक्त आशीष नाइक ने शनिवार को कहा, ‘‘पिछले तीन दिन में इन हीरे कारखानों में काम करने वाले 23 कर्मियों को कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है और यह संख्या बढ़ रही है।’’
नगर निकाय ने एक बयान में कहा कि संक्रमण के कई पुष्ट मामलों का पता चलने के साथ ही शिवम ज्वैलर्स, एसआरके एम्पायर, धर्मनंदन डायमंड्स, रिंकल इम्पेक्स, सी दिनेश एंड को, जेबी एंड ब्रदर्स और रॉयल डायमंड्स सहित कई हीरे इकाइयों के कुछ विभागों को बंद कर दिया गया है।
इन इकाइयों के अपने अन्य श्रमिकों को 14 दिन के पृथक-वास का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।
बयान में यह भी कहा गया है कि जिन इकाइयों में सामाजिक दूरी बनाने के मानदंड का पालन नहीं किया जा रहा है, उनपर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एसएमसी ने कहा कि वह हीरे की इकाइयों की जांच करना जारी रखेगा कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए वहां सामाजिक दूरी बनाने जैसे मानदंडों का पालन और मास्क तथा सैनिटाइटर का उपयोग किया जा रहा है या नहीं।
निकाय अधिकारियों ने बताया कि इन श्रमिकों के परिवार के सदस्यों को भी पृथक-वास में रखा गया है।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश नवाडिया ने कहा कि सूरत में हीरा उद्योग में लगभग 6.5 लाख श्रमिक काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि सूरत में लगभग 6,000 हीरा इकाइयाँ हैं।
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