मेलबर्न, 24 दिसंबर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने विराट कोहली से सिडनी में सचिन तेंदुलकर की अनुशासित पारी से प्रेरणा लेने और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के शेष दो टेस्ट मैच में फॉर्म हासिल करने के लिए ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर प्रहार करने की अपनी प्रवृत्ति पर लगाम लगाने को कहा है।
कोहली ने अपनी पिछली पांच पारियों में 05, नाबाद 100, 07, 11 और 03 रन के स्कोर से 31.50 की औसत से केवल 126 रन बनाए हैं।
हेडन ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘शानदार जीत हो सकती थी, हार हो सकती थी, स्पिन के अनुकूल हालात हो सकते थे, मेरा मतलब है, आप सैकड़ों अलग-अलग क्षेत्रों की सूची बना सकते हैं, जहां विराट कोहली ने अपने शानदार करियर के दौरान बल्लेबाजी की होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेलबर्न में उसे बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट मिलेगा। उन्हें बस इतना करना है कि क्रीज पर बने रहने का तरीका खोजना है। ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर प्रहार करने से बचना होगा। और मेरा सुझाव है - वह थोड़ा और गेंद की लाइन में आएं और सीधे शॉट खेलने का प्रयास करें।’’
हेडन ने 2004 के सिडनी टेस्ट के दौरान तेंदुलकर की नाबाद 241 रन की ऐतिहासिक पारी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आत्मसंयम से चीजें बदल सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि उसके (कोहली) पास एक शानदार कवर ड्राइव है लेकिन सचिन तेंदुलकर के पास भी था और उसने इसे एक दिन के लिए दूर रखा। मैं गली में खड़ा होकर सोच रहा था कि यह शानदार, जिद्द से भरी बल्लेबाजी है।’’
तेंदुलकर ने 2004 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान खराब फॉर्म से जूझते हुए क्रीज पर बिताए 613 मिनटों के दौरान अपने ऑफ-साइड ड्राइव से पूरी तरह बचते हुए उल्लेखनीय आत्मसंयम और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।
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