देश की खबरें | भूस्खलन के कारण किन्नौर एवं स्पीति घाटी का संपर्क शिमला से टूटा

शिमला/रामपुर, 27 जुलाई चट्टानें गिरने और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-5 (हिंदुस्तान-तिब्बत रोड) के अवरुद्ध होने से आदिवासी बहुल जिले-किन्नौर एवं स्पीति घाटी राज्य की राजधानी शिमला से कट गए हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि शिमला के रामपुर उपमंडल में झाकड़ी के पास बरोनी, मंगलाड और पशादा में राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण वैकल्पिक मार्ग भी बंद हैं।

उन्होंने बताया कि लुहरी-औट राष्ट्रीय राजमार्ग (305) भी तीन स्थानों पर अवरुद्ध है और कई घरों में पानी घुस गया है।

अधिकारी ने कहा कि फंसे हुए सार्वजनिक परिवहन वाहनों के चालकों के पास भोजन खत्म हो रहा है और वे पैदल ही अवरुद्ध हिस्सों को पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

पत्थर गिरने और भूस्खलन के खतरे के बीच भूस्खलन वाले इलाके से पैदल निकल रहे लोगों के वीडियो इंटरनेट पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे हैं ।

एलपीजी सिलेंडर लेकर बद्दी से भावानगर जाने वाले रंजीत ने कहा कि वह कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण पिछले चार दिन से फंसे हुए थे तथा बुधवार को पशादा में एक ताजा भूस्खलन से स्थिति और खराब हो गई है। सराहन में एलपीजी सिलेंडर ले जा रहे एक अन्य चालक सोनू ने भी रंजीत की बातों से सहमति जताई।

सामाजिक कार्यकर्ता पवन नेगी ने कहा कि झाकड़ी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं जहां पत्थर क्रशर स्थापित हैं।

नेगी ने कहा कि इन क्रशर के चलते मृदा क्षरण की स्थिति गंभीर हुई है। उन्होंने पहाड़ों को दरकने से बचाने के लिए क्रशर को राजमार्ग से दूर स्थानांतरित करने की अधिकारियों से मांग की।

राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र को भारी बारिश के चलते बुधवार शाम तक राज्य में 566 सड़कें अवरुद्ध होने की सूचना मिली।

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