विदेश की खबरें | किम ने अपने परमाणु हथियारों को लेकर शेखी बघारी

सरकारी मीडिया ने मंगलवार को यह खबर दी।

किम ने यह टिप्पणी 1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध के समापन की 67वीं बरसी पर युद्ध के सिपाहियों के समक्ष की जो दिखाती है कि वह अपने हथियारों को त्यागने की कोई मंशा नहीं रखते क्योंकि अमेरिका के साथ कूटनीति फिर से शुरू होने की संभावनाएं बेहद कम हैं।

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उत्तर कोरिया ने इससे पहले उग्र बयानबाजी की है या रियायतों को छीनने के लिए हथियारों का परीक्षण किया है। लेकिन कुछ विशेषज्ञों की कहना है कि प्योंगयांग नवंबर में होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से पहले वाशिंगटन के साथ किसी तरह की गंभीर बातचीत करने से बचेगा क्योंकि अमेरिकी नेतृत्व में बदलाव की संभावना है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक किम ने सोमवार के अपने भाषण में कहा कि उनके देश ने ‘‘पूरी ताकत’’ के साथ “परमाणु संपन्न देश” बनने की कोशिश की है ताकि दूसरा युद्ध रोका जा सके और अब उसने इस तरह की प्रतिरोधी क्षमता तैयार कर ली है।

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किम ने कहा, “अब, हम ऐसा देश बन गए हैं जो उच्च तीव्रता वाले दबावों एवं सैन्य जोखिमों तथा साम्राज्यवादी प्रतिक्रियावादियों द्वारा ब्लैकमेलिंग के खिलाफ मजबूती से एवं दृढ़तापूर्वक अपना बचाव कर सकता है।”

किम ने कहा, “इस धरती पर दोबारा कभी युद्ध नहीं होगा और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा एवं भविष्य की स्थायी गारंटी है क्य‍ोंकि हमारे पास मजबूत, प्रभावी आत्म रक्षात्मक परमाणु प्रतिरोधी क्षमता है।”

एपी

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