देश की खबरें | गुर्दा प्रतिरोपण प्रक्रिया कदाचार: निजी अस्पताल के न्यासी सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पुणे (महाराष्ट्र), 12 मई पुलिस ने निजी अस्पताल रूबी हॉल क्लीनिक के प्रबंध न्यासी और उसके कुछ कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ इस साल मार्च में गुर्दा प्रतिरोपण प्रक्रिया के दौरान हुए कथित कदाचार के संबंध में मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर बुधवार को देर शाम कोरेगांव पार्क थाने में मामला दर्ज किया गया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमने रूबी हॉल क्लीनिक के प्रबंध न्यासी परवेज ग्रांट और उसके कुछ कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें गुर्दा देने वाली महिला, गुर्दा लेने वाला व्यक्ति और उसकी पत्नी भी शामिल हैं।’’

उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 468, 471 (सभी जालसाजी से संबंधित), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और मानव अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम, 1994 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बताया जाता है कि कोल्हापुर की महिला को कथित तौर पर 15 लाख रुपये देने का वादा किया गया था और इस महिला ने खुद को उस व्यक्ति की पत्नी बताया जिसे गुर्दे की जरूरत थी। इसके बाद महिला ने अपना गुर्दा एक युवती को दान दे दिया था। बदले में, युवती की मां ने उस व्यक्ति को अपना गुर्दा दान किया था जिसे उसकी बेटी को गुर्दा देने वाली महिला ने अपना पति बताया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि रक्त समूह मेल ना खाने की वजह से घरवाले अपने मरीज को गुर्दा नहीं दे पा रहे थे।

रूबी हॉल क्लीनिक में सर्जरी होने के चार दिन बाद 29 मार्च को महिला ने पैसों को लेकर हुए विवाद के कारण अपनी असली पहचान बताई। इसके बाद अस्पताल ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसने मामले से स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया।

स्वास्थ्य विभाग ने बाद में अस्पताल का अंग प्रतिरोपण करने संबंधी पंजीकरण निलंबित कर दिया था, हालांकि बंबई उच्च न्यायालय ने उसके आदेश पर रोक लगा दी थी।

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