नयी दिल्ली, 12 मई खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने बाजार में पीपीई किट बेचने के लिए ‘खादी इंडिया’ ब्रांड और लोगों का अवैध उपयोग करने वाली फर्मों को कानूनी नोटिस भेजा है। आयोग ने मंगलवार को बताया कि उसने इसके लिए हर्जाना भी मांगा है।
आयोग ने बताया कि उसने अपने वकील एस. एस. दुबे के माध्यम से दिल्ली की मेसर्स नाचिया कॉरपोरेशन, मेसर्स पेस्ट क्योर इंकॉरपोरेशन और मेसर्स वेद प्रकाश मिथल एंड संस को कानूनी नोटिस भेजा है। आयोग ने उसके नाम और पंजीकृत ट्रेडमार्क लोगो का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रत्येक फर्म से 50 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा है।
आयोग ने सभी फर्म से हर्जाने के अलावा उसके नाम से बिक्री रोकने के लिए भी कहा। साथ ही ‘खादी इंडिया’ ब्रांड नाम वाली बची सभी निजी सुरक्षा किट (पीपीई किट) को तत्काल उसे सौंपने के लिए भी कहा।
कानूनी नोटिस के मुताबिक सभी फर्म को नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर इस पर अमल करना है। ऐसा नहीं करने पर आयोग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि इस तरह के नियम उल्लंघन को बिलकुल भी बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
आयोग ने साफ किया कि उसने अभी तक बाजार में अपनी कोई पीपीई किट नहीं उतारी है। उसके द्वारा खादी के कपड़े से बनायी गयी पीपीई किट अभी परीक्षण के दौर में है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)












QuickLY