कोच्चि, एक अगस्त केरल के सनसनीखेज सोना तस्करी मामले में दो आरोपियों, स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को एक अदालत ने शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) के समक्ष पेश किया गया था। आरोपियों की पांच दिनों की सीमा शुल्क (निवारण) आयुक्तालय की हिरासत की अवधि शनिवार को समाप्त हो गई।
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अदालत मैं सौंपी गई एक रिमांड रिपोर्ट में विभाग ने कहा कि आरोपियों के मानवाधिकारों के स्थापित सिद्धांतों का अनुपालन करते हुए उनसे पूछताछ की गई।
स्वप्ना सुरेश को 29 और 31 जुलाई को हिरासत में रहने के दौरान अपने बच्चों से मिलने की अनुमति दी गई।
दोनों आरोपियों को जेल भेजे जाने से पहले उनकी कोविड-19 जांच कराई जाएगी।
इन दोनों को विभाग ने 24 जुलाई को गिरफ्तार किया था, जब उनहें यहां विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया था क्योंकि उनकी हिरासत की अवधि समाप्त हो गई थी।
सुरेश और नायर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 11 जुलाई को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।
इस बीच, एनआईए ने सोना तस्करी मामले में आतंकवाद को धन मुहैया कराये जाने के पहलू की तमिलनाडु में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों ने तमिलनाडु में बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में एनआईए की एक टीम सोना तस्करी मामले में चेन्नई में पूछताछ कर रही है।
हालांकि, सूत्रों ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
एनआईए ने इससे पहले कहा था कि मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किये गये आरेापियों ने देश में और खासतौर पर केरल में कई बार विदेशों से विभिन्न हवाईअड्डों और बंदरगाहों के जरिये भारी मात्रा में सोना लाया था।
एजेंसी ने पिछले हफ्ते एनआईए अदालत में सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा था कि शुरूआती जांच से यह संकेत मिला है कि इस मामले में भारत और विदेश में अत्यधिक प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरेापियों ने तस्करी की गतिवधियों से प्राप्त धन का इस्तेमाल आतंकवाद को धन मुहैया करने में किया गया होगा।
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