तिरुवनंतपुरम, नौ जून केरल में अंकतालिका विवाद के बीच सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने शुक्रवार को कांग्रेस और इसकी छात्र शाखा केरल स्टूडेंट्स यूनियन को अपने आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य पेश करने की चुनौती दी।
एसएफआई ने दावा किया कि संगठन की छवि खराब करने के उद्देश्य से आरोप लगाए गए हैं।
हाल ही में एक अंकतालिका सामने के बाद विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें दिखाया गया था कि एर्णाकुलम में महाराजा कॉलेज के छात्र एवं एसएफआई के राज्य सचिव पी.एम. अर्शो ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी जबकि दावा किया गया था कि वह किसी भी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे।
वहीं, एक अन्य घटना में वामपंथी छात्र संगठन की एक पूर्व कार्यकर्ता के. विद्या उस समय मुश्किल में पड़ गईं थीं, जब उन पर अध्यापक की नौकरी हासिल करने के लिए महाराजा कॉलेज से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा था।
अंकतालिका विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अर्शो ने शुक्रवार को कहा कि कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी थी।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसमें (अंकतालिका विवाद) कोई साजिश है और इसका पर्दाफाश होना चाहिए। आमतौर पर जब कोई परीक्षा परिणाम जारी होता है, तो कॉलेज प्रशासन गहन पड़ताल के बाद ही इसे जारी करता है।’’
अर्शो ने कहा, ‘‘इस मामले में मेरा नाम उस बैच की अंकतालिका में शामिल किया गया था जिसका मैं हिस्सा नहीं हूं और फिर केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) उक्त अंकतालिका को सामने लेकर आता है। इसके पीछे साजिश है और जांच से दोषियों का पता चलेगा।’’
इस बीच, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने आज राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदू पर हमला बोला और कहा कि उन्होंने जांच पूरी होने से पहले ही एसएफआई के राज्य सचिव को क्लीन चिट दे दी है।
कांग्रेस नेता ने पूछा, ‘‘जांच जारी है और उच्च शिक्षा मंत्री (एसएफआई के) राज्य सचिव को निर्दोष करार दे रही हैं। यह बेहद असामान्य है। ऐसे में जांच करने वाले विभाग के अधिकारी निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जांच को प्रभावित कर रही हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY