त्रिशूर (केरल), 19 दिसंबर केरल के त्रिशूर जिले में वन अधिकारियों ने मंगलवार को एक 'आदमखोर बाघ' को पुथुर जूलॉजिकल पार्क के एक पृथकवास केंद्र में रखा है। इस महीने की शुरूआत में इस बाघ ने वायनाड जिले के वकेरी में 36 वर्षीय एक व्यक्ति पर हमला कर उसे मार डाला था।
सोमवार को बाघ के पकड़े जाने के बाद वकेरी में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि बाघ के पुनर्वास के बजाय उसे गोली मार दी जाए।
वन अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि बाघ को जूलॉजिकल पार्क में ले जाने का आदेश मिलने के बाद उसे एक विशेषज्ञ टीम की निगरानी में वहां ले जाया गया।
वन अधिकारियों ने कहा, "कुछ विरोध और रुकावटें थीं, लेकिन हम इसे बिना किसी समस्या के यहां लाने में कामयाब रहे।"
चिड़ियाघर के अधिकारियों और चिकित्सकों ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता बाघ के चेहरे और दाहिने पंजे पर घावों का पता लगाना और उसका उपचार करना है।
पार्क के एक अधिकारी ने कहा, "अभी इसे इस पिंजरे में तब तक रखा जा रहा है जब तक इसके घावों का आकलन, इलाज और इसका स्वास्थ्य स्थिर नहीं हो जाता। इसके बाद, इसे चिड़ियाघर में ले जाया जाएगा।"
चिकित्सकों ने कहा कि बाघ की उम्र करीब 13 वर्ष है।
बाघ को वन विभाग ने वकेरी के पास एक स्थानीय बस्ती के पास लगाए गए जाल में कैद किया।
स्थानीय लोगों को संदेह है कि 'आदमखोर बाघ' ने वकेरी निवासी प्रजीश को मार डाला है। प्रजीश के शरीर का कुछ हिस्सा नौ दिसंबर को यहां एक वन क्षेत्र के पास मिला था।
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