कोच्चि, 28 फरवरी केरल उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में अभिनेत्री पर हमले के मामले में अभिनेता दिलीप की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मौजूदा हालात में ऐसा करने से सुनवाई में बाधा पैदा हो सकती है, जो लगभग समाप्त होने के बहुत करीब है।
न्यायमूर्ति सोफी थॉमस ने यह आदेश विभिन्न आधार पर अभिनेता की जमानत रद्द करने की मांग वाली अभियोजन पक्ष की याचिका पर दिया है। अभियोजन पक्ष ने याचिका में सबूतों को कथित तौर पर नष्ट करने, गवाहों को प्रभावित करने और जांच अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रचने जैसे आशंकाएं जाहिर की थी।
उच्च न्यायालय ने कहा,‘‘ हमारा विचार है कि अगर दिलीप की जमानत अभी रद्द कर दी जाती है तो इससे मामले की सुनवाई में और जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जो कि लगभग पूरी होने को है और इस वजह से मामले की सुनवाई अनिश्चित काल तक खींच सकती है।’’
अदालत ने कहा कि अपराध वर्ष 2017 में हुआ था और लंबे समय तक मामला चलने के बाद सुनवाई लगभग पूरी होने वाली है।
अदालत ने कहा, ‘‘हमारा विचार है कि सुनवाई पूरा होने दी जाए और मामले का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।’’
न्यायमूर्ति थॉमस ने अभियोजन पक्ष की याचिका का निपटारा करते हुए कहा, '' सबूतों को नष्ट करने, गवाहों को प्रभावित या धमकाने और जांच अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रचने जैसी अपराधों के लिए अगर मामला दर्ज होता है तो उनर सुनवाई तब तक जारी रहेगी जब तक वह कानून के तहत अपने तार्किक मुकाम पर नहीं पहुंच जाता। ’’
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