तिरुवनंतपुरम, 14 जून केरल में आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर बढ़ते हमले की घटनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने बुधवार को कहा कि आवारा कुत्तों से निपटने के नियमों में बदलाव के लिए वह अदालत का रुख करेगी।
राज्य में आवारा कुत्ते के हमले में एक दिव्यांग बच्चे की मौत के बाद इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय स्वशासन मंत्री एम.बी. राजेश ने कहा कि सरकार ‘पशु जन्म नियंत्रण’ (एबीसी) प्रक्रियाओं को संपन्न करने वाले ‘कुदुम्बश्री’ पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए भी अदालत का रुख करेगी।
‘कुदुम्बश्री’, केरल सरकार का एक गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है।
उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2021 में राज्य सरकार को ‘कुदुम्बश्री’ को एबीसी प्रक्रियाओं को करने से तुरंत रोकने का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि तिरुवनंतपुरम के बाहरी इलाके आदिमलथुरा समुद्र तट पर कुछ लोगों द्वारा एक कुत्ते को बांधकर और पीट-पीट कर मार डाले जाने के मामले में अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के दौरान यह निर्देश दिया गया था।
मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जनता और मीडिया इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों को तवज्जो देने के बजाय प्रशासन पर दोष मढ़ रहे हैं।
हालांकि, पिछले कुछ दिनों में केरल के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की कई घटनाओं के चलते राज्य सरकार को लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने दावा किया था कि आवारा कुत्तों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों और एबीसी नियमों में नरमी बरते जाने की आवश्यकता है।
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