तिरुवनंतपुरम, आठ जून केरल के कोट्टयम जिले में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा के कथित तौर पर आत्महत्या करने के बाद हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य सरकार ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए 'शिकायत निवारण प्रकोष्ठ' के गठन की बृहस्पतिवार को घोषणा की।
कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रद्धा दो जून को अपने छात्रावास के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली थी। छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के कुछ शिक्षक आंतरिक परीक्षा के नाम पर उसे परेशान कर रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसे नहीं पता कि छात्रा ने ऐसा क्यों किया।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और केरल छात्र संघ (केएसयू) सहित छात्र संगठनों ने छात्रा की कथित आत्महत्या के खिलाफ कंजिरापल्ली में स्थित निजी इंजीनियरिंग कॉलेज तक अलग-अलग विरोध मार्च निकाले थे।
सरकार की ओर से प्रस्तावित शिकायत निवारण प्रकोष्ठों की अध्यक्षता कॉलेज में प्राचार्य और विश्वविद्यालयों में विभागों के प्रमुख करेंगे।
केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिन्दु ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा करते हुए कहा कि प्रकोष्ठ के अध्यक्षों द्वारा अनुशंसित दो शिक्षकों के अलावा, छात्र संघों के प्रतिनिधि और अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) भी नयी समिति का हिस्सा होंगे।
शिकायत प्रकोष्ठ के शिक्षकों और छात्रों के प्रतिनिधियों में से एक महिला भी होगी।
मंत्री ने कहा, ‘‘ शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की बैठकों में कम से कम सात सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य होगी और बहुमत के निर्णयों को लागू करने की नैतिक जिम्मेदारी अध्यक्षों की होगी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY