त्रिशूर (केरल), 27 जून शिक्षाविद, यात्री वाले एवं लेखक पी. चित्रन नम्बूथिरीपद का वृद्धावस्था की बीमारियों के चलते निधन हो गया। उनके परिवार के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
नम्बूथिरीपद 103 वर्ष के थे।
केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में दशकों तक एक प्रतिष्ठित हस्ती रहे नम्बूथिरीपद को उनके प्रगतिशील दृष्टिकोण, शिक्षा क्षेत्र में योगदान और केरल कलामंडलम के सचिव के रूप में योगदान देने के लिए जाना जाता है।
वह वृद्धावस्था के बावजूद अक्सर हिमालय की अपनी यात्राओं के लिए हाल में खबरों में रहे थे। उन्होंने इस क्षेत्र की 30 से अधिक यात्राएं कीं।
उत्तरी मलप्पुरम जिले के मूक्कुथला में छह जनवरी 1920 को जन्मे नम्बूथिरीपद ने यहां सेंट थॉमस कॉलेज और मद्रास विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने गांव में पांच एकड़ की जमीन पर एक विद्यालय खोला, जिसे बाद में महज एक रुपये में तत्कालीन राज्य सरकार को सौंप दिया था।
एक प्रतिष्ठित लेखक नम्बूथिरीपद की हिमालय की यात्रा का विवरण देने वाली पुस्तक ‘पुण्यहिमालयम’ पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है।
विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने अपने शोक संदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया।
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