देश की खबरें | केरल: बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न मामले को लेकर कांग्रेस, भाजपा ने वाम सरकार पर साधा निशाना

कोच्चि, सात सितंबर अलुवा इलाके में एक बच्ची के अपहरण और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा ने सत्तारूढ़ दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और पुलिस की कड़ी आलोचना की।

एक महीने से अधिक समय में क्षेत्र में हुई यह इस तरह की दूसरी घटना है। विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने आरोप लगाया कि राज्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है क्योंकि पुलिस और गृह विभाग उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।

यूडीएफ ने कहा कि यदि सरकार राज्य में महिलाओं और बच्चों की रक्षा नहीं कर सकती है तो वह सत्ता छोड़ दे, वहीं भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गृह विभाग का कार्यभार छोड़ दें।

जुलाई के आखिरी सप्ताह में बिहार के प्रवासी मजदूर की पांच साल की बच्ची का उसी राज्य के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपहरण कर लिया, बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी। पीड़िता का शव पेरियार नदी के पास अलुवा मछली बाजार के पीछे एक दलदली इलाके में पाया गया था। मामले में पुलिस ने बिहार से 28 वर्षीय असफाक आलम को गिरफ्तार किया था, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया था।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने दावा किया कि ताजा घटना अलुवा पैलेस से सिर्फ डेढ़ किमी दूर हुई जहां केरल के मुख्यमंत्री विजयन भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ठहरे थे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘यह पुलिस व्यवस्था की नाकामी है। पुलिस मूकदर्शक बन गई है।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में ऐसी घटनाएं बार बार हो रही हैं और यह एक ऐसा राज्य बनता जा रहा है जहां महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अधिक से अधिक अपराध हो रहे हैं। सतीसन ने कहा कि अगर सरकार राज्य में महिलाओं और बच्चों की रक्षा करने में असमर्थ है, तो उन्हें हार मान लेनी चाहिए और सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि यह राज्य के लिए शर्मनाक घटना है। विजयन से गृह विभाग छोड़ने की मांग करते हुए सुरेंद्रन ने एक बयान में आरोप लगाया कि बेटियां अपने घरों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं।

सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि केरल में अपराधी और ड्रग माफिया खुलेआम वारदात कर रहे हैं और पुलिस सो रही है। उन्होंने मांग की कि राज्य उत्तर प्रदेश की तरह कड़े कदम उठाए।

इस बीच, राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाली है और उन्होंने बिहार की रहने वाली बच्ची और उसके परिवार को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया। मंत्री ने एक बयान में कहा कि दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने इस मामले पर सामान्य शिक्षा निदेशक से तत्काल रिपोर्ट भी मांगी है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग के राहत कोष से बच्ची को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का भी वादा किया।

हालिया घटना में, आठ वर्षीय बच्ची का एर्णाकुलम जिले के अलुवा इलाके में उसके घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया जब वह सो रही थी और एक व्यक्ति द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया गया। बच्ची के माता-पिता बिहार के निवासी हैं, जो यहां मजदूरी करते हैं।

बच्ची की जान बच गई क्योंकि इलाके के स्थानीय निवासियों में से एक ने उसे लगभग 2.15 बजे संदिग्ध व्यक्ति द्वारा ले जाते हुए देखा, जिसके बाद उसने पड़ोसियों को सतर्क किया और वे सभी पीड़िता की तलाश में निकल पड़े।

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