देश की खबरें | केरल मंत्रिमंडल में फेरबदल : एलडीएफ समन्वयक ने कहा कि मोर्चा जताई गई प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा

तिरुवनंतपुरम, 15 सितंबर केरल मंत्रिमंडल में फेरबदल के कयासों के बीच सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के समन्वयक ई. पी. जयराजन ने शुक्रवार को कहा कि मोर्चा में शामिल सभी घटकों के प्रति जताई गई सभी प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया जाएगा।

एलडीएफ मई 2021 में जब दूसरी बार सत्ता में आया तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत गठबंधन में एक विधायक वाले चार दलों को ‘क्रमिक’ आधार पर मंत्री पद आवंटित करने पर सहमति बनी थी।

मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के बारे में पूछे जाने पर जयराजन ने कहा कि मोर्चे में अब तक इस विषय पर चर्चा नहीं की गई है और उन्होंने इस तरह की खबर ‘गढ़ने’ के लिए मीडिया की आलोचना की।

केरल मंत्रिमंडल में नवंबर में संभावित फेरबदल की खबरों पर उन्होंने कहा, ‘‘ हमने अब तक इस बारे में विचार नहीं किया है। ’’

ऐसी खबर थी कि एलडीएफ सरकार के दूसरे कार्यकाल के नवंबर में ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन नीत मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा।

हालांकि, जयराजन ने संकेत दिया कि मंत्रिमंडल में फेरदबल एलडीएफ घटकों के बीच हुए समझौते के आधार पर होगा।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चार पार्टियों को लेकर ढाई साल की समझ बनी है। अब भी सरकार का कार्यकाल पूरा होने में ढाई साल का समय है।’’

जयराजन ने कहा कि अगर पार्टी में एक ही सदस्य (विधायक) है तो उस पार्टी को भी मंत्री पद देने पर सहमति बनी है।

घटक दलों में बनी सहमति के तहत डेमोक्रेटिक केरल कांग्रेस पार्टी के एंटनी राजू और इंडियन नेशनल लीग के अहमद देवनकोविल को सरकार के शुरुआती 30 महीनों के लिए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और बाकी के कार्यकाल के लिए उनके स्थान पर कांग्रेस (एस) के रामचंद्रन कडन्नपल्ली और केरल कांग्रेस (बी) सदस्य के. बी. गणेश कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।

एलडीएफ ने मंत्रियों का कार्यकाल तय करने का फैसला किया क्योंकि संवैधानिक प्रावधानों के तहत केरल में केवल 21 मंत्री ही हो सकते हैं।

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