नयी दिल्ली, सात अगस्त मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ लागू की जिसके तहत सरकार शहर में पंजीकरण शुल्क और सड़क कर में छूट देगी तथा नयी इलेक्ट्रिक कारों को 1.5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी।
मीडिया को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, नौकरियां पैदा करना और प्रदूषण कम करना है तथा इसे अधिसूचित कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने इसे देश की ‘‘प्रगतिशील नीति’’ बताया।
उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत दिल्ली सरकार बिजली से चलने वाले दुपहिया वाहनों, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए 30,000 रुपये तक जबकि कारों के लिए 1.5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘हमें इस नीति के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में पांच लाख नए इलेक्ट्रिक वाहनों के सड़क पर उतरने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ लागू करने के लिए ‘ईवी प्रकोष्ठ’ (इलेक्ट्रिक वाहन) गठित करेगी।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ‘प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन बोर्ड’ का भी गठन करेगी।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ‘स्क्रैपिंग इंसेंटिव’ देगी और एक साल में 200 चार्जिंग केंद्र बनाएगी।
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