हैदराबाद, छह जून तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस)के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव को कांग्रेस सरकार पर हमला करने के बजाय कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में कथित अनियमितता की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की जांच का सामना करना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने यदाद्रि-भुवनगरी जिले में विभिन्न विकास कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक आयोग द्वारा के.चंद्रशेखर राव (जिन्हें केसीआर के नाम से भी जाना जाता है) को तलब किये जाने को लेकर बीआरएस की ओर से की गई आलोचना का उल्लेख किया।
न्यायिक आयोग बीआरएस शासन के दौरान निर्मित कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है।
रेड्डी ने कहा, ‘‘वह (केसीआर) सिर्फ एक नोटिस (आयोग द्वारा) से परेशान हो रहे हैं। हमने महीनों तक जेल की सजा काटी। हम क्या कहें? क्या आप (केसीआर) भगवान हैं? आप भी एक इंसान हैं।’’
उन्होंने कहा कि जब अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव को नोटिस जारी किया तो उन्हें ‘‘सत्र मजिस्ट्रेट के सामने खड़ा होना पड़ा’’।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आप (केसीआर) इतने अहंकारी क्यों हैं? आयोग ने आपके गलत कामों के कारण आपको (उपस्थिति के लिए) नोटिस जारी किया है। जवाब देने के बजाय, वे (बीआरएस) हम पर हमला कर रहे हैं। हम पर हमला मत कीजिए। यह मत कहिए कि आयोग कालेश्वरम आयोग है या कांग्रेस आयोग है।’’
बीआरएस की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के कविता की हाल की टिप्पणी कि केसीआर के आसपास (बीआरएस में) कुछ शैतान हैं, का संदर्भ देते हुए रेड्डी ने कहा कि विपक्षी पार्टी के नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे शैतान कौन हैं और वे तेलंगाना के लोगों को कैसे परेशान कर रहे हैं।
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