देश की खबरें | भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करने पर कटारिया को राज्यपाल पद से बर्खास्त किया जाए: तृणमूल, आप

गुवाहाटी, 16 नवंबर तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) की असम इकाइयों ने मांग की है कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ रहे एक भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कथित रूप से प्रचार करने को लेकर (असम के) राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को उनके पद से बर्खास्त किया जाए।

फिलहाल कटारिया या राज्यपाल कार्यालय की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है।

अलग-अलग बयान जारी कर इन दोनों दलों ने राज्यपाल के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रपति और निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप की मांग की है। राज्यपाल इस संवैधानिक पद पर आने से पहले सभी राजनीतिक पद छोड़ चुके थे।

असम में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया राजस्थान के उदयपुर में भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं। यह लोकतंत्र के लिए चुनौती है, भारत निर्वाचन आयोग को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।’’

उन्होंने यह भी कहा कि यह ‘बड़ा शर्मनाक’ है कि संविधान के संरक्षक होने के बावजूद कटारिया भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ उन्हें तत्काल उनके पद से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।’’

तृणमूल की असम इकाई के बयान को साझा करते हुए बोरा ने आरोप लगाया कि कटारिया ने उदयपुर में भाजपा प्रत्याशी ताराचंद जैन के पक्ष में प्रचार किया जो चुनाव नियमों का उल्लंघन है क्योंकि वह संवैधानिक पद पर आसीन हैं।

प्रदेश तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान में कहा, ‘‘ कुछ दिन पहले असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन ने मिजोरम में भाजपा के लिए प्रचार किया था और अब कटारिया ने ऐसा किया है। यह संवैधानिक नियमों का गंभीर उल्लंघन है। राज्य के प्रमुख होने के नाते राज्यपाल को किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करना चाहिए।’’

उसने कहा कि ये दोनों उदाहरण दर्शाते हैं कि भाजपा निरंकुश एवं अलोकतांत्रिक सरकार चलाने के लिए अपनी सत्ता का दुरूपयोग कर रही है।

पार्टी ने बयान में कहा,‘‘ हम राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को बर्खास्त करने के लिए राष्ट्रपति और भारत निर्वाचन आयोग के तत्काल दखल की मांग करते हैं।’’

आप के असम संयोजक भाबेन चौधरी ने कहा कि राज्यपाल को चाहिए कि वे स्वयं को राजनीति से, जाति, पंथ, धर्म से अलग रखें तथा संविधान को अक्षुण्ण बनाये रखें।

उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन कटारिया ने चुनाव में एक राजनीतिक दल के पक्ष में प्रचार कर संविधान-विरोधी कार्यकलाप किये हैं। इससे (उनके इस कृत्य से) राज्यपाल पद की गरिमा घटी है। ’’

उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी कटारिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखेगी।

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