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स्वास्थ्य सुविधाओं के सीमित संसाधनों के बावजूद कोविड-19 का बखूबी मुकाबला कर रहा कासरगोड जिला

हालांकि, बहुत कम स्वास्थ्य सुविधा संसाधनों के साथ यह जिला राज्य में कोविड-19 के सर्वाधिक रोगियों का इलाज कर रहा है और यहां तक कि उत्तरी केरल के इस जिले में मेडिकल कॉलेज भी नहीं है। इन सबके बावजूद, जिले में संक्रमण से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के सीमित संसाधनों के बावजूद कोविड-19 का बखूबी मुकाबला कर रहा कासरगोड जिला
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कोच्चि, 19 अप्रैल केरल में कोविड-19 ‘हॉटस्पॉट’ (संक्रमण से अत्यधिक प्रभावित स्थान) कासरगोड राज्य का एक मात्र ऐसा जिला है, जो पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के बावजूद कोरोना वायरस महामारी का बखूबी मुकाबला कर रहा है।

हालांकि, बहुत कम स्वास्थ्य सुविधा संसाधनों के साथ यह जिला राज्य में कोविड-19 के सर्वाधिक रोगियों का इलाज कर रहा है और यहां तक कि उत्तरी केरल के इस जिले में मेडिकल कॉलेज भी नहीं है। इन सबके बावजूद, जिले में संक्रमण से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।

ऐसे में राज्य स्वास्थ्य विभाग कासरगोड के सरकारी अस्पताल के एम कुन्हीरमण और उनकी टीम के जर्नादन नाइक और कृष्णा नाइक के प्रयासों की सराहना कर रहा है।

सूचना शिक्षा एवं संचार समिति के अध्यक्ष एवं केरल राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक आर रमेश ने कहा, '' उन्होंने ना सिर्फ सीमित संसाधनों से हालात को तुरंत काबू किया, बल्कि कुछ ही हफ्तों में वहां नेगेटिव मामलों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई और परिणामस्वरूप किसी की मौत नहीं हुई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसे सबसे अच्छे वैश्विक मॉडल के तौर पर पेश किया जा सकता है।''

इस मुश्किल समय को याद करते हुए जर्नादन नाइक ने कहा, ''कोविड-19 के संदिग्ध मरीज की शारीरिक जांच करना पहली सबसे बडी चुनौती थी। पीपीई किट के बारे में कोई नहीं जानता था कि यह कितना कारगर है और इसे पहनने में पूरा आधा घंटा लगता था। लेकिन, जैसे-जैसे समय गुजरा हम इसके आदि हो गए।''

उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों से डॉक्टर मरीज की शारीरिक जांच कर, जैसे उसकी नब्ज देख कर, सीने की जांच कर और उसकी अन्य किसी बीमारी से ग्रसित होने की जानकारी के बाद इलाज करते रहे हैं। लेकिन कोविड-19 के साथ ही यह सब पूरी तरह बदल गया।

नाइक ने कहा कि पीपीई किट पहनने के बावजूद डॉक्टर को मरीज की शारीरिक जांच करने में दूरी रखनी पड़ती है जो एक मुश्किल काम है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण का सबसे पहला मामला 15 मार्च को सामने आया था और कुछ ही हफ्तों में यह संख्या बढ़कर 91 तक पहुंच गई।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 09:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).