बेंगलुरू, चार जुलाई कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ‘कर्नाटक कोविड-19 कार्य बल’ ने प्रभावी निगरानी एवं सतर्कता के लिए यहां 8,800 समितियों समेत राज्यभर में बूथ स्तर की समितियां गठित करने का फैसला किया है।
कार्यबल ने 50 साल से कम आयु के मरीजों समेत बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए के लिए 17 दिन के ‘‘घर में पृथक-वास’’ संबंधी विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
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उसने शवों की बेकद्री करने पर स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाने की चेतावनी भी दी है।
मेडिकल शिक्षा मंत्री डॉ. के सुधाकर ने शुक्रवार को संवाददाताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि कोविड-19 मामलों की प्रभावी निगरानी और सतर्कता के लिए स्थानीय प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘गांव से बेंगलुरू तक राज्यभर में बूथ स्तरीय कार्यबल समितियां बनाई जाएंगी।’’
उन्होंने बताया कि इन समितियों में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नगरपालिकाओं या पंचायत से एक-एक सदस्यों के अलावा एक स्वयंसेवक को भी शामिल किया जाएगा।
समिति में पांच से छह सदस्य होंगे।
मंत्री ने बताया कि बेंगलुरू में 8,800 टीमें गठित की जाएंगी, यानि हर बूथ में एक टीम होगी।
उन्होंने बताया कि 50 साल से कम आयु के वे मरीज घर में पृथक-वास में रह सकेंगे जिनमें किसी और बीमारी का लक्षण नहीं है। उनके घर में एक शौचालय और उनकी देखभाल के लिए एक व्यक्ति होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पृथक-वास की अवधि 14 दिन से बढ़ाकर 17 दिन कर दी गई है।
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