देश की खबरें | कर्नाटक चुनाव के रुझान भाजपा के खिलाफ जनभावना का संकेत: कांग्रेस, माकपा

तिरुवनंतपुरम, 13 मई केरल में सत्तारूढ़ माकपा और विपक्षी दलों ने शनिवार को कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का स्वागत किया और कहा कि यह भाजपा की कथित विभाजनकारी और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ जनभावना का संकेत है। माकपा, आईयूएमएल और कांग्रेस ने यह भी कहा कि कर्नाटक का रुझान दक्षिण भारत में भाजपा के घटते प्रभाव को भी दर्शाता है।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर नवीनतम रुझानों के अनुसार, कांग्रेस ने अब तक 62 सीट जीतकर स्पष्ट बढ़त बना ली है और 73 सीट पर आगे है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि रुझान पार्टी के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत का संकेत देते हैं तथा परिणाम 2024 के आम चुनाव में भी इसके लिए एक प्रोत्साहन के रूप में काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि रुझान जनता के जनादेश और वहां की कथित भ्रष्ट भाजपा सरकार के प्रति लोगों की भावनाओं का संकेत देते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि यह कांग्रेस और राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की सार्वजनिक स्वीकृति को भी दर्शाता है।

चेन्निथला ने कहा, "राहुल गांधी ऐसे नेता हैं जो नरेंद्र मोदी का विरोध कर सकते हैं। यह इसका प्रमाण है। केंद्र में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने की दिशा में यह पहला कदम है।"

आईयूएमएल के केरल के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक पी के कुन्हालिकुट्टी ने भी इसी तरह की बात कही।

चेन्निथला और आईयूएमएल नेताओं ने कहा कि कर्नाटक में जो हुआ उससे भाजपा अब दक्षिण भारत में सत्ता में नहीं है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने भी कर्नाटक में मतगणना के रुझानों का स्वागत किया और कहा कि दक्षिण भारत भाजपा से मुक्त हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की वापसी का संकेत नहीं देता क्योंकि इसका एक प्रमुख शक्ति केंद्र गुजरात था जहां भाजपा के पास प्रचंड बहुमत है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथित सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ आवाज उठाई है और "यह लोगों की केंद्र विरोधी तथा सांप्रदायिकता विरोधी भावनाओं का संकेत है।"

गोविंदन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए चेन्निथला ने कहा कि माकपा हमेशा चाहती है कि भाजपा जीते। उन्होंने कहा कि वाम दल के पास कर्नाटक में एक सीट थी, और वह भी उसके हाथ से निकल गई।

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