देश की खबरें | एनडीआरएफ अनुदान जारी करने के अनुरोध को लेकर कर्नाटक ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया

बेंगलुरु, 23 मार्च कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर केंद्र को गंभीर सूखे की स्थिति से जूझ रहे राज्य को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के तहत तुरंत अनुदान जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने केंद्र पर गंभीर सूखे की चपेट में होने के बावजूद कर्नाटक को धनराशि जारी करने संबंधी आग्रह पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर है।

सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पांच महीने के इंतजार के बाद आज कर्नाटक सरकार ने केंद्र के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दायर की।

उन्होंने बताया कि याचिका भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत भारत सरकार को एनडीआर धनराशि तुरंत जारी करने का निर्देश देने के लिए दायर की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने राज्य के 236 तालुकों में से 223 तालुकों में सूखा घोषित कर दिया है। हमने चार बार मूल्यांकन किया और 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि फसलें बर्बाद हो गई हैं। हमने केंद्र को लगातार तीन ज्ञापन भेजे लेकिन हमें अब तक एक पैसा भी नहीं मिला।’’

सिद्धरमैया ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में, एक केंद्रीय टीम ने राज्य में आकर निरीक्षण किया और केंद्र सरकार को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) की रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सौंपने के एक महीने के भीतर केंद्र को राज्य को मुआवजा देना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बावजूद केंद्र सरकार ने ज्ञापन का जवाब नहीं दिया, तो कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा दिल्ली गए, लेकिन उन्हें केंद्रीय मंत्री से मिलने का मौका नहीं मिला।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बाद में, 20 दिसंबर को मैं और कृष्णाबायरे गौड़ा फिर दिल्ली गए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और अनुरोध किया। हालांकि, हमें मुआवजा नहीं दिया गया। बाद में, मैंने व्यक्तिगत रूप से बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और अनुरोध किया। हालांकि, कोई समाधान नहीं निकला।’’

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