बेंगलुरू, तीन दिसंबर कर्नाटक के कृषि मंत्री बी सी पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं ।
कर्नाटक के कोडागु जिले के पोनमपेट में किसानों को संबोधित करते हुये कृषि मंत्री ने कहा, ''जो किसान आत्महत्या करते हैं, वह कायर हैं । केवल वह डरपोक ही आत्महत्या करते हैं , जो अपनी पत्नी एवं बच्चों की देख-रेख नहीं कर सकते हैं।’’
यह भी पढ़े | किसान आंदोलन: आपस में उलझे पंजाब के सीएम और केजरीवाल, कैप्टन को बताया ‘मोदी भक्त’.
पाटिल पोनमपेट में बांस उत्पादकों को यह बता रहे थे कि कृषि व्यवसाय कितना लाभदायक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ कायरों को इस बात का अहसास नहीं है और वे आत्महत्या करते हैं।
अपनी बात के समर्थन में, पाटिल ने एक महिला का उदाहरण दिया जिसने सोने की चूड़ियाँ पहन रखी थीं।
यह भी पढ़े | आईडीएक्स को 25 वर्षो तक गैस एक्सचेंज की तरह काम करने को PNGRB की मंजूरी.
मंत्री ने कहा, ''जब मैने इस बात की जानकारी ली कि उनके हाथों में सोने की चूड़ियां कहां से आयी है, आप जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा ? उन्होंने कहा कि इस धरती मां ने मुझे 35 साल की मेहनत के लिए यह दिया है ।''
पाटिल ने पूछा, ''यह सब सुनकर आपको प्रसन्नता नहीं होती है ।''
उन्होंने कहा कि जब एक महिला पूरी तरह कृषि पर निर्भर है और सफलता प्राप्त करती है तो दूसरे किसान ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं ।''
इस पर प्रतिक्रिया देते हुये कर्नाटक कांग्रेस के प्रवक्ता वी एस उगरप्पा ने मंत्री के बयान को कृषक समुदाय को अपमानित करने वाला बताया और इसकी निंदा की है ।
उगरप्पा ने पीटीआई को बताया, ''यह किसानों का अपमान है । उन्हें (पाटिल को) इसके लिये माफी मांगनी चाहिये ।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY