बेंगलुरु, 20 अप्रैल कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार के अपने आदेश में गुजरात की एक एजेंसी के माध्यम से कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) के 487 पदों पर भर्ती के लिए लगी रोक को हटा दिया है।
अदालत ने अपने पुराने आदेश में भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगायी थी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वारले और न्यायमूर्ति एमएसजी कमल की खंडपीठ भर्ती को चुनौती देने वाली पांच दूध उत्पादक सहकारी सोसायटी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
अदालत ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की अंतिम सूची की घोषणा की अनुमति दे दी है।
अदालत ने इससे पहले 17 मार्च को विभिन्न पदों पर भर्ती पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
इतापनहाल्ली मिल्क प्रोड्यूसर्स को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड और चिक्कबाल्लापुरा की चार अन्य सोसायटियों द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि केएमएफ द्वारा 20 अक्टूबर, 2022 को जारी अधिसूचना में गुजरात के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट, आणंद (आईआरएमए)’को परीक्षा लेने का जिम्मा सौंपा गया है।
भर्ती परीक्षा 18 दिसंबर, 2022 को हुई और परिणाम की घोषणा 25 जनवरी, 2023 को की गई।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि केएमएफ के गुजराती ब्रांड अमूल में विलय के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, ऐसे में अमूल के मुख्यालय वाले शहर आणंद की एक एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया के लिए चुना गया है, जबकि उसके पास ऐसी परीक्षाएं कराने का पुराना अनुभव नहीं है।
यह दावा किया गया है कि कर्नाटक सहकारी सोसायटी नियम (नियम-18) में उल्लिखित है कि कन्नड़ सहित पूरी परीक्षा 200 अंकों की होनी चाहिए।
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