बेंगलुरु, 27 जून कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ‘‘फर्जी खबरों’’ पर लगाम लगाने के लिए ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (एआई) जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल समेत सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामलों में शामिल लोगों को सजा देने के लिए मौजूदा कानून में कोई प्रावधान नहीं है, तो सरकार आवश्यक कानून बनाने के लिए तैयार है।
परमेश्वर ने कहा, ‘‘कुछ लोग फर्जी खबरें फैलाने में शामिल हैं, चाहे वे राजनीतिक मुद्दों पर हो या समाज में शांति भंग करने के लिए हो। हमने देखा है कि विभिन्न मंचों और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें पोस्ट की जाती हैं। तस्वीरों से छेड़छाड़ की जाती है, ताकि उन्हें कुछ संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा दिखाया जाए, जबकि असल में उस तस्वीर का मामले से कुछ लेना-देना नहीं होता है।’’
पत्रकारों से यहां बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘हमने चुनावों के दौरान और बल्कि अब सरकार बनने के बाद भी यह देखा है। अगर हम इसे नहीं रोकते हैं, तो इससे निजी स्तर या समाज या सरकार के स्तर पर कई तरह की गलत धारणाएं बन सकती है और इसका असर बड़ा हो सकता है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘लिहाजा हमने कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने समेत सभी तरह के कदम उठाने का फैसला किया है, ताकि ऐसी चीजें पोस्ट करने वालों की पहचान की जा सके और उन पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। हम ऐसे मामलों में दोषियों को सजा देने का कोई प्रावधान न होने पर आवश्यक कानून भी लेकर आएंगे।’’
गौरतलब है कि हाल में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने फर्जी खबरों पर कार्रवाई के लिए प्राधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए थे।
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