देश की खबरें | कर्नाटक सरकार ने ‘एम्स’ को लेकर केंद्र पर राज्य के प्रति सौतेला रुख अपनाने का आरोप लगाया

बेंगलुरु, 15 जुलाई कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने सोमवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना और मौजूदा सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों का उन्नयन करने के मुद्दे पर राज्य के प्रति सौतेला रुख अपना रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रायचूर जिले में एम्स की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से बार-बार अनुरोध करने पर भी जवाब नहीं दे रही है।

विधान परिषद में जनता दल (सेक्युलर) के सदस्य के ए थिप्पेस्वामी के सवाल के जवाब में पाटिल ने कहा, ‘‘कर्नाटक और केरल को छोड़कर भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। केंद्र को फैसला करना है। यह कर्नाटक के प्रति सौतेला रुख है।’’

थिप्पेस्वामी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि लोगों को ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के तहत तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल सुविधा प्रदान करने के लिए वह रायचूर में एम्स की स्थापना और मौजूदा सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन के लिए ‘कुछ नहीं’ कर रही है।

पाटिल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिक मंत्री एन एस बोसराजू के साथ तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की थी और राज्य में एम्स की स्थापना के लिए उनसे अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने एम्स की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है और यहां तक कि व्यक्तिगत तौर पर भी उन्हें अनुरोध पत्र दिया है, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रायचूर में एम्स के लिए भूमि चिह्नित कर ली है और जब भी जरूरत होगी, वह इसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

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