भोपाल, 22 अगस्त मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी राज्य में 20 साल के शासन के बावजूद गरीबों के कल्याण की बात कर रही है, इसका मतलब है कि उसके शासन में या तो लोग गरीबी से बाहर आ गये हैं या लोग गरीब होते गये हैं।
नाथ ने दावा किया, ''दोनों ही परिस्थितियों में यह भाजपा सरकार की विफलता का परिणाम है।''
मप्र में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गत रविवार को 2003-2023 तक मध्यप्रदेश सरकार का 'रिपोर्ट कार्ड' जारी किया, जिसमें कहा गया कि इन वर्षों में भाजपा सरकार ने सफलतापूर्वक राज्य से बीमारू श्रेणी (पिछड़ा) टैग हटा दिया है, जो उनके अनुसार कांग्रेस शासन काल की एक विरासत थी।
इस बारे में पूछे जाने पर नाथ ने संवाददाताओं से कहा, "भाजपा ने एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया है, इसके बजाय उन्हें अपना रेट कार्ड जारी करना चाहिए था...बताना चाहिए था कि सभी चीजों की दरें क्या हैं? वो बीते 20 साल की बात कर रहे हैं... हम अगले 20 साल की।"
इस महीने की शुरुआत में नाथ ने मध्यप्रदेश को 50 प्रतिशत कमीशन के नियम से मुक्त करने के लिए उज्जैन में भगवान महाकाल से दैवीय हस्तक्षेप की मांग की थी।
मंगलवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट में नाथ ने कहा कि भाजपा मध्यप्रदेश में अपने 20 साल के शासन के बाद भी गरीब कल्याण के बारे में बात कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसका सीधा मतलब ये निकलता है कि या तो भाजपा राज के 20 सालों में लोग गरीबी से बाहर नहीं निकल पाये या फिर नये गरीब बनते चले गये। इन दोनों ही परिस्थितियों में यह भाजपा सरकार की नाकामी का परिणाम है। फिर तो रिपोर्ट कार्ड में ये फेल हो गये। वो कागज पर झूठा विकास दिखा रहे हैं और हम सच्ची गारंटी लेकर आ रहे हैं।’’
मप्र कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी हर गरीब व्यक्ति, किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, छोटे-बड़े कारीगरों और व्यापारियों की प्रगति के लिए काम कर रही है।
नाथ ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि सड़क, पुल, थोथी योजनाओं के दिखावटी प्रदर्शन से तब तक कुछ नहीं होने वाला, जब तक व्यक्ति का विकास नहीं होगा, परिवार में सबकी खुशहाली नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इसलिए हर इंसान की तरक्की के लिए....काम कारोबार को सक्रिय करने के लिए ... सकारात्मक वातावरण बनाना होगा, बाकी विकास अपने आप होने लगेगा।
नाथ ने कहा कि विकास लोगों को खुद दिखता है, उसके लिए मंच सजाकर आडंबर करने की जरुरत नहीं होती।
केंद्रीय मंत्री शाह ने रविवार को मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार का 'रिपोर्ट कार्ड' जारी करते हुए कहा था कि प्रदेश 1956 में अस्तित्व में आया और तब से पांच-छह वर्षों को छोड़कर 2003 तक कांग्रेस ने राज्य में शासन किया, लेकिन उनके शासनकाल के दौरान राज्य बीमारू बना रहा।
उन्होंने कहा कि हालांकि, भाजपा सरकार ने सफलतापूर्वक राज्य को बीमारू टैग से बाहर निकाला है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करके इसे विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है।
उन्होंने मांग की कि विपक्षी कांग्रेस राज्य में लगभग 53 वर्षों तक शासन करने का अपना रिपोर्ट कार्ड दे।
‘बीमारु’ (बीआईएमएआरयू) एक संक्षिप्त नाम है जिसका उपयोग अक्सर बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए किया जाता है। इन राज्यों का आर्थिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और अन्य सूचकांकों के मामले में पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है।
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