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न्यायाधीशों को न्यायपालिका की समस्याओं से निपटना होगा : न्यायमूर्ति गुप्ता

न्यायमूर्ति गुप्ता उच्चतम न्यायालय के इतिहास में पहले ऐसे न्यायाधीश बने हैं जिन्हें कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते वीडियो कांफ्रेंस से विदाई दी गयी।

न्यायाधीशों को न्यायपालिका की समस्याओं से निपटना होगा : न्यायमूर्ति गुप्ता
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नयी दिल्ली, छह मई न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने बुधवार को कहा कि न्यायाधीश शुतुरमुर्ग की तरह अपना सिर नहीं छुपा सकते और उन्हें समस्याएं पहचाननी होंगी और उनसे निपटना होगा।

न्यायमूर्ति गुप्ता उच्चतम न्यायालय के इतिहास में पहले ऐसे न्यायाधीश बने हैं जिन्हें कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते वीडियो कांफ्रेंस से विदाई दी गयी।

उन्होंने कहा, ‘‘ आप देखते हैं कि देश को न्यायपालिका पर बड़ा विश्वास है। मेरा मतलब है कि, हम ऐसा बार बार कहते हैं लेकिन उसी समय हम शुतुरमुर्ग की तरह अपना सिर नहीं छुपा सकते और कहें कि कि न्यायपालिका में कुछ नहीं हो रहा है। हमें समस्याएं पहचाननी होंगी और उनसे निपटना होगा। इस संस्थान की ईमानदारी ऐसी है कि उसे किसी भी हालत में दांव पर नहीं लगाया जा सकता।’’

वह तीन साल से अधिक समय तक उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश रहे।

न्यायमूर्ति गुप्ता ने कहा कि वैसे तो उन्हें (सामाजिक) कार्यकर्ता न्यायाधीश और कार्यकर्ता वकील भी कहा गया लेकिन उन्होंने कानून की परिसीमा कभी नहीं लांघी क्योंकि उन्हें अपनी सीमा मालूम थी।

मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से आने वाले न्यायमूर्ति गुप्ता ने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की थी और 2004 में वह हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बने थे। बाद में वह उच्चतम न्यायालय पहुंचे।

उच्चतम न्यायालय में वह 2017 के कई अहम फैसले समेत कई फैसलों से जुड़े रहे। ।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 01:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).