अगरतला, 12 सितम्बर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की कुछ समाचार पत्रों के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पत्रकारों ने चिंता जताई है।
देब ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति के बारे में कथित तौर पर भ्रम पैदा करने वाले ‘‘कुछ अति उत्साहित समाचार पत्रों’’ के खिलाफ टिप्पणी की थी जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पत्रकारों का कहना है कि राज्य सरकार मीडिया को अपना गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम में पहले विशेष आर्थिक क्षेत्र की आधारशिला रखने के बाद कहा था कि कुछ समाचार पत्र कोविड-19 स्थिति के बारे में लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और वह उन्हें ‘‘माफ नहीं’’ करेंगे।
देब ने कहा था, ‘‘कुछ समाचार पत्र लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं,वे उत्तेजित हो रहे हैं ... इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा, त्रिपुरा के लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे और मैं, बिप्लब देब उन्हें माफ नहीं करूंगा। मैं जो भी कहता हूं वह करता हूं, इतिहास इस बात का गवाह है।’’
देब के बयान पर त्रिपुरा के मीडिया अधिकार संगठन ‘फोरम फॉर प्रोटेक्शन ऑफ मीडिया एंड जर्नलिस्ट’ ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों के बाद पत्रकार खुद को असुरक्षित और भयभीत महसूस कर रहे हैं।
फोरम के अध्यक्ष सुबल कुमार डे ने कहा कि सरकार और पत्रकारों के बीच मतभेद असामान्य नहीं हैं और अतीत में ऐसी कई समस्याओं को बातचीत के जरिए हल किया गया था। “लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे हाथ से निकल रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार मीडिया को अपना गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। पत्रकारों की आवाज को दबाने के लिए सरकारी आदेश जारी किए जाते हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया पर बदनाम किया जाता है और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) इसमें शामिल होता है।’’
देब की टिप्पणी पर अगरतला प्रेस क्लब के अध्यक्ष डे ने कहा, ‘‘त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक सभा में मीडिया संगठनों को धमकी दी है जो चिंता का विषय है।’’
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए रविवार की दोपहर 12 बजे पत्रकारों की एक बैठक बुलाई गई है।
देब के मीडिया सलाहकार संजॉय कुमार मिश्रा ने कहा कि मुख्यंमत्री की टिप्पणियों को संदर्भ से हटकर लिया गया है और उनके भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
मिश्रा ने कहा, ‘‘हमारी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। हमने हमेशा मीडिया की मदद करने की कोशिश की है, लेकिन कुछ स्थानीय समाचार पत्र कुछ ऐसे एजेंडे पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं जो सही नहीं है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY