जोशीमठ, 12 जनवरी भूधंसाव से प्रभावित जोशीमठ में ‘‘असुरक्षित’’ घोषित किए गए दो होटलों को ढहाने की कार्रवाई बृहस्पतिवार को शुरू कर दी गयी।
मुआवजे की मांग को लेकर पिछले दो दिन से धरना प्रदर्शन दे रहे होटल मालिकों और स्थानीय प्रशासन के बीच सहमति बन जाने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गयी।
सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि जोशीमठ में असुरक्षित घोषित दो होटलों - ‘माउंट व्यू’ और ‘मलारी इन’ को ढहाने का कार्य प्रारंभ हो गया है।
जोशीमठ में सात मंजिला ‘मलारी इन’ और पांच मंजिला ‘माउंट व्यू’ जमीन में दरारें आने के कारण ऊपरी हिस्से में एक दूसरे से खतरनाक तरीके से जुड़ गए हैं और उनके नीचे स्थित करीब एक दर्जन घर खतरे की जद में हैं।
केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की सलाह पर प्रशासन इन्हें मंगलवार से तोड़े जाने की तैयारी में था। हांलांकि, होटल मालिकों और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण यह कार्रवाई रूकी हुई थी, जो होटलों को ढहाए जाने से पहले इमारतों के विधिवत मूल्यांकन की मांग पर अड़े थे।
दोनों होटलों को यांत्रिक तरीके से तोड़ा जाएगा। मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि पहले छत से लोहे की टिन हटायी जायेगी और अधिकतर कार्य मजदूरों से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ही जेसीबी मशीन का उपयोग होगा। तोड़फोड़ की कार्रवाई पहले ‘मलारी इन’ होटल से शुरू हुई है।
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