कोलकाता, 28 जून खाने-पीने के सामान की ऑनलाइन डिलिवरी करने वाली कंपनी जोमैटो के कुछ कर्मचारियों ने चीन के निवेश के खिलाफ यहां विरोध प्रदर्शन किया और कंपनी की टी-शर्ट को फाड़कर जला दिया।
हालांकि कंपनी का कहना है कि इन कर्मचारियों को हाल ही में नौकरी से निकाला गया था और वे संवेदनशील भावना का सहारा लेकर अपनी निराशा बाहर निकाल रहे थे। कंपनी ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज की है।
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लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के सैनिकों के साथ संघर्ष में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। इसके विरोध में शनिवार को शहर के दक्षिण पश्चिम में बेहाला में जोमैटो के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्होंने चीन का निवेश होने के कारण जोमैटो की नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने लोगों से कंपनी का बहिष्कार करने की भी अपील की।
वर्ष 2018 में चीन की दिग्गज कंपनी अलीबाबा की इकाई ऐंट फाइनेंशियल ने जोमैटो में 14.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 21 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। ऐंट फाइनेंशियल ने हाल में जोमैटो में 15 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया है।
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एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि चीन की कंपनियां यहां से मुनाफा कमा रही हैं। वहीं उसकी सेना हमारे जवानों पर हमला कर रही है। वे हमारी जमीन छीनने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम भूखे रह लेंगे, लेकिन ऐसी कंपनी में काम नहीं करेंगे, जिसमें चीन का निवेश है।
कोरोना वायरस महामारी की वजह से जोमैटो ने अपने कुल कर्मचारियों में से 13 प्रतिशत यानी 520 को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
कंपनी की एक प्रवक्ता ने रविवार को कहा, ‘‘यह विरोध प्रदर्शन कुछ ऐसे डिलिवरी पार्टनर्स ने किया, जिन्हें कंपनी के दिशानिर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने के कारण हाल ही में कंपनी से निकाल दिया गया था।’’
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