बिलासपुर, 15 सितम्बर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने झीरम नक्सली हमले मामले में दर्ज कराई गई दूसरी प्राथमिकी की जांच पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।
उच्च न्यायालय के अधिकृत सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की युगल पीठ ने सोमवार को झीरम हमले के सिलसिले में दर्ज दूसरी प्राथमिकी के खिलाफ एनआईए की फौजदारी अपील पर सुनवाई करते हुए इसकी जांच पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
सूत्रों ने बताया कि 25 मई, 2013 को बस्तर में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में कांग्रेस के अनेक दिग्गज नेताओं की मौत हो गई थी। एनआईए ने इस सिलसिले में दर्ज पहली प्राथमिकी पर अपनी जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।
हमले में मारे गए कांग्रेस के नेता उदय मुदलियार के पुत्र जीतेन्द्र मुदलियार ने 26 मई 2020 को बस्तर के दरभा थाने में धारा 302 और 120-बी के तहत झीरम हमले के षड्यंत्र की जांच की मांग को लेकर एक और प्राथमिकी दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि दूसरी प्राथमिकी को विधि के विरूद्ध बताते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जगदलपुर स्थित एनआईए अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गयी थी।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया की पीठ ने सोमवार को मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद दूसरी प्राथमिकी की जांच प्रक्रिया पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।
मामले की सुनवाई चार सप्ताह के बाद होनी तय हुई है।
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